राजनांदगांव । यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के मंशा से राज्य सरकार द्वारा शहर में बनाए गए हाईटेक बस स्टैंड केवल नाम का रह गया है। वर्ष 2018 में लगभग पांच करोड़ 50 लाख करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस स्टैंड में यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं ही नहीं हैं। ऊपर से स्वच्छ शहर की मंशा पर पानी फेर रहा है, चारों तरफ गंदगी का आलम है।
देखरेख के अभाव में महज दो साल के भीतर बस स्टैंड कबाड़ में तब्दील होना शुरू हो गया है। यहां लगें सीसीटी कैमरे गायब हो गए है। यात्रियों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। पूरा क्षेत्र कंडम बसों व अन्य वाहनों का अड्डा बनकर रह गया है। लोगों के मनोरंजन के लिए लगया गया टीवी खराब हो गया है। कई पंखे भी खराब हो गए हैं।
टिकट काउंटर नहीं खोल पाए हाईटेक बस स्टैंड को जब शुरू किया गया तब यह कहा गया था कि यात्रियों को टिकट काउंटर से टिकट दिया जाएगा, लेकिन आज तक टिकट काउंटर खोला ही नहीं गया है।
डिस्प्ले बोर्ड खराब
नया बस स्टैंड में लगा डिस्प्ले बोर्ड में पहले प्रदर्शित होता था कि कौन सी बस कितने बजे निकलेगी, लेकिन यह अभी प्रदर्शित नहीं हो रहा है। लाखों का डिस्प्ले बोर्ड खराब हो गया है। यहां आने वाले यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सिंयां तो हैं, लेकिन हवा देने वाले पंखे खराब हैं। यात्री गर्मी में यूं ही बेहाल होते बैठे रहते हैं। यहां पर पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है।
