डोंगरगढ़ । नेहरू महाविद्यालय डोंगरगढ़ के सैकड़ों विद्यार्थी सत्र 2019-20 में पर्यावरण विषय की आनलाइन परीक्षा देने के बाद भी फेल हो गए। छात्रों को इसकी जानकारी तब लगी जब उनके हाथ में परिणाम आया। परिणाम देखते ही छात्रों के होश उड़ गए। बीए, बीएससी, बीकाम प्रथम वर्ष के लगभग 400 विद्यार्थी पर्यावरण विषय में फेल हो गए हैं।
विद्यार्थियों ने कालेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा परिणाम में सुधार करने की मांग की है। सुधार नहीं होने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
कालेज प्रशासन ने दी दोबारा फार्म भरने की नसीहतः परिणाम को सुधारने के बजाय कालेज प्रशासन ने छात्रों को दोबारा परीक्षा फार्म भरने की नसीहत दी है। बता दें कि तीन वर्ष की कालेज की पढ़ाई में छात्र को एक वर्ष की परीक्षा में पास होना पड़ता है। यानी छात्र तीन वर्ष तक पर्यावरण परीक्षा दिला सकते हैं। लेकिन उन्हें परीक्षा में बैठने के लिए अलग से शुल्क देना पड़ेगा। यही शुल्क छात्रों को भारी पड़ रही है। दोबारा फार्म भरने के लिए छात्रों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि छात्रों को परीक्षा में शामिल होने के लिए दोबारा शुल्क तो देना ही होगा। साथ ही संबंधित विषय की फिर से पढ़ाई करनी होगी।
छात्रों ने प्राचार्य को सौंपी मार्कशीट : कालेज प्रशासन की लापरवाही छात्रों को भरी पड़ रही है। छात्रों ने बताया कि पर्यावरण विषय का पेपर देने के बावजूद फेल कर दिया गया। यहीं नहीं मार्कशीट में नंबर भी अंकित नहीं किया गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मार्कशीट का फोटो कापी कराकर प्राचार्य को सौंपा है और जल्द से जल्द सुधार करने की मांग की है। छात्रों ने बताया कि पर्यावरण के पेपर को सात साल के अंतर्गत किसी भी एक साल में पेपर दे कर पास किया जा सकता है। विद्यार्थियों का कहना है कि प्रथम वर्ष में ही पर्यावरण का पेपर दे चुके हैं, लेकिन कालेज की लापरवाही के कारण उन्हें फेल कर दिया गया। महाविद्यालय के तरफ ये कहा जा रहा है कि आप इस साल भी परीक्षा फार्म में पर्यावरण का विषय लें। इसका शुल्क 180 रुपये लग रहा है।
