डोंगरगढ़ । नगर के रेलवे फाटक बंद होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्ग व स्कूली बच्चों को हो रही है। मां बम्लेश्वरी अस्पताल में रोजना बड़ी संख्या में मरीजों का आना-जाना लगा रहता है। रेलवे द्वारा फाटक बंद किए जाने के कारण मरीजों को लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। नगर में अंडर ब्रिज बनने के बाद रेलवे ने फाटक को बंद कर दिया है। लंबे समय से बंद फाटक को खोलने की मांग की जा रही है। डोंगरगढ़ जनकल्याण विकास परिषद छत्तीसगढ़ द्वारा मंगलवार को तहसील कार्यालय के सामने सांकेतिक धरना-प्रदर्शन कर बंद फाटक को खोलने की मांग की गई। वहीं एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
नगरवासियों ने दिया एक्ता का परिचय : धर्मनगरी डोंगरगढ़ में नीचे बमलेश्वरी मंदिर का रेलवे फाटक खोलने को लेकर नगर के आमजन ने एकजुटता दिखाई। मां बमलेश्वरी मंदिर रेलवे फाटक को खुलवाने के लिए डोंगरगढ़ जनकल्याण विकास परिषद छत्तीसगढ़ का पूर्ण रूप से साथ देते एकता का परिचय दिया। उक्त फाटक से 30 मीटर की दूरी पर मां बमलेश्वरी धर्मार्थ चिकित्सालय है। जिसमें प्रतिदिन बुजुर्ग आमजनों का चिकित्सा सुविधा का लाभ लेने इस मार्ग का उपयोग करते हैं। लेककिन फाटक के बंद होने पर उन्हें एक किलोमीटर घुमावदार रास्ता तय कर अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। फाटक के बंद होने से इमरजेंसी आपातकालीन स्थिति में दूरी तय कर पाना संभव नहीं है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु
दर्शन करने आते हैं
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष तरुण हथेल ने बताया कि धर्मनगरी में साल में दो मेले लगते है। जिसमें एक चैत्र एवं दूसरा क्वांर नवरात्रि मेले में लाखों की जनसंख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। और जिस मार्ग पर अंडर ब्रिज बना है वह मार्गदर्शन अतिथियों का मुख्य मार्ग है। जनसंख्या का दबाव अधिक है। जिससे शहरवासियों को इस मार्ग पर आवागमन करना कदापि संभव नहीं है। आमजन के ध्यान केंद्रित कर अवगत कराया गयाि क राजनांदगांव में अंडर ब्रिज निर्माण के बाद रेलवे फाटक व अंडरब्रिज दोनों चालू है। प्रदर्शन के दौरान नगर पालिका उपाध्यक्ष उमा महेश वर्मा, हुकुमचंद अग्रवाल, डा. पीएल बाफना, अनिल पांडे, प्रिंस कक्कड़, परविंदर मोंटी, राकेश वैष्णव, लोकेश इंदुलकर, विमल अग्रवाल, शिव शंकर सान्याल, मनीष चक्रवर्ती, निलेश गवली व अन्य मौजूद रहे।
