‘जान भी और जहां भी’ की भावना के साथ आज से ठीक एक साल पहले देशभर में 22 मार्च के दिन जनता कर्फ्यू लगाया गया था। प्रधानमंत्री के आह्वान पर कोरोना से लोहा लेने की इस पहली मुहिम को लोगों ने भी सफल बनाया था। पूरे दिन लोग अपने घरों में रहे और शाम को पांच बजे ताली और थाली बजाकर कोरोना से जंग लड़ने वाले फ्रंट लाइन वर्करों को सम्मान दिया गया था। यह पहला ऐसा कर्फ्यू था जिसमें कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और आसाम से लेकर गुजरात तक एक भी आदमी सड़क पर नहीं दिखाई दे रहा था।
गलियों में भी सन्नाटा पसरा हुआ था और इलाकों के जानवर ज्यादा बेचैन दिख रहे थे क्योंकि ऐसा अनुभव उनके लिए भी नया था। आगे देखें एक साल पहले की कुछ ऐसी ही तस्वीरें जब सड़कों से लेकर गली कूचे तक हो गए थे चुप और हर ओर थी खामोशी ही खामोशी….
