राजनांदगांव। निस्तारी व पेयजल की समस्या से परेशान दर्जनभर गांव के ग्रामीण बुधवार को हाईवे को जाम करने उतरे। पिछले पखवाड़ेभर से ब्लाक के 24 गांवों में पेयजल की सप्लाई बंद है। इसके चलते ग्रामीण निस्तारी और पेयजल की समस्या को लेकर आक्रोशित हैं। बुधवार को शहर से लगे ग्राम खुटेरी चौक पर ग्रामीण हाईवे जाम करने उतरे थे, लेकिन प्रशासन के48 घंटे के भीतर शिवनाथ एनीकट में पानी पहुंचाने के वादे पर ग्रामीण शांत हो गए। यह आश्वासन एसडीएम मुकेश रावटे और पीएचई के कार्यपालन अभियंता ने दिया। उन्होंने आने वाली गर्मी के लिए भी एनीकट में पर्याप्त पानी का स्टाक रखने की बात कही। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य अंगेश्वर देशमुख, कांग्रेस नेता जितेंद्र मुदलियार सहित जनपद उपाध्यक्ष रोहित चंद्राकर, जनपद सदस्य टिंकू साहू व बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
एसडीएम रावटे ने ग्रामीणों से कहा कि पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन भी गंभीर है। मोंगरा बराज के अलावा पड़ोसी जिला बालोद के कलेक्टर से भी खरखरा बांध से पानी छोड़ने की मांग की गई है। मोंगरा बराज से दो दिनों के भीतर ही पानी इरा एनीकट में आ जाएगा। जिपं सदस्य अंगेश्वर देशमुख और कांग्रेस नेता जितेंद्र मुदलियार ने कहा कि अगर तीन दिनों के भीतर शिवनाथ एनीकट में 24 गांवों के लिए पानी नहीं पहुंचा तो उग्र आंदोलन करेंगे।
वैष्णव राजाओं के नाम पर बट्टाः सांसद
सांसद संतोष पांडे ने धीरी नल जल समूह से 24 गांवों को पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से तैयार की गई योजना पर वैष्णव राजाओं के नाम पर बट्टा लगाने का आरोप लगाया है। इस विषय को लोकसभा में उठाने के बाद सांसद ने रहीम के दोहे ‘रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून’ का उल्लेख करते हुए कहा कि एक-एक बूंद बचाने के उद्देश्य से लिखे गए दोहे को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बिसरा दिया है। वैष्णव राजाओं ने राजनांदगांव रियासत के घर-घर में धारा प्रवाह पानी पहुंचाने के लिए जो योजना बनाई थी, जिससे प्रेरित होकर तत्कालीन अन्य रियासतों ने अनुसरण कर पेयजल की व्यवस्था की थी। यह आज भी शोध का विषय है। ऐसे में धीरी नल जल समूह राजनांदगांव के ऊपर कलंक से कम नहीं है।
