राजनांदगांव। शहर के संवेदना सामाजिक संस्था द्वारा बीते दिनों संवेद संगीत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि पद्मविभूषण डा.तीजन बाई रहीं। कार्यक्रम में कत्थक नृत्य के क्षेत्र में मातृशक्ति सम्मान डा. राजश्री नामदेव, ओडिशा नृत्य पूर्णश्री राउत, लोक संस्कृति के क्षेत्र में जयश्री साहू, चिकित्सा के क्षेत्र में डा. मीना आरमो, चार्टेड एकांउटेट निकिता कोठारी, लोक संगीत पुष्पलता कौशिक और क्लब व रिसोर्ट क्षेत्र में कुमुद श्रीवास्तव को मातृशक्ति सम्मान से विभूषित किया गया। समारोह में सभी ने अपना अनुभव साझा किया।
कार्यक्रम में पद्मविभूषण डा. तीजन बाई ने कहा-धन्य है कि मुझे इस संवेद संगीत समारोह में आने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि नारी को कमजोर नहीं समझना चाहिए। नारी दुल्हन बनकर दो घर चलाती हैं। नारी के सम्मान से बड़ा कोई और सम्मान नहीं है। नारी का पहला नाम लक्ष्मी है। बड़ी होने पर बिटिया और शादी के बाद दुल्हन, पत्नी फिर मां कहलाती है। नारी के सम्मान से घर का भंडार भर जाता है। इसलिए हर घर में नारी का सम्मान होना ही चाहिए। पद्मविभूषण तीजन बाई के उद्बोधन के बाद पंडवानी की एक झलक भीम और दुर्योधन प्रसंग की प्रस्तुति दी गई। इसी क्रम में डा. प्रज्ञा जायसवाल ने भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी।
रायपुर की कत्थक नृत्य गुरु विदुषी डा. राजश्री नामदेव के कुशल निर्देशन में कमलेश मरकाम व गायत्री नायक ने कत्थक नृत्य की प्रस्तुत किया। वहीं जागेश्वरी साहू, धनीराम मरकाम, मुकेश यादव, शंकर विश्वकर्मा, योगेश गावरे व अन्य सहयोगी कलाकारों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम में होली, फाग गीत की रंगारंग नृत्य की प्रस्तुति दी। मंच संचालन डा. अनिता शाह ने किया। कार्यक्रम की यह जानकारी गीतांजली सिन्हा ने दी।
