राजनांदगांव। संघर्षशील प्रेरक पंचायत कल्याण संघ ने कलेक्टोरेट के सामने नियमित रोजगार देने की मांग को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया। पहले दिन प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। ।इस अनिश्चितकालीन हड़ताल न्म बड़ी संख्या में जिलेभर के महिला एवं पुरुष प्रेरक शामिल हो रहे हैं। प्रेरकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक वे हड़ताल पर डटे रहेंगे।संघर्षशील प्रेरक पंचायत कल्याण संघ सोमवार से कलेक्टोरेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रेरकों की मांग है कि उन्हें जल्द से जल्द नियमित रोजगार प्रदेश सरकार द्वारा दी जाए। जिला प्रेरक संघ के अध्यक्ष प्रदीप पटेल का कहना है कि पिछले 10 वर्षों से अल्प मानदेय 2000 में कार्य करने वाले प्रेरकों को 31 मार्च 2018 को बेरोजगार कर दिया गया था। कांग्रेस के घोषणा पत्र एवं टीएस सिंह देव द्वारा लिखित आश्वासन दिया गया कि छत्तीसगढ़ में जैसे ही कांग्रेस की सरकार बनती है तो सभी प्रेरकों को नियमित रोजगार के लिए अन्य किसी भी विभाग में समायोजित किया जाएगा किंतु दो वर्ष बीत जाने के पश्चात भी केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। जिससे जिले के प्रेरकों द्वारा पिछले माह 25 फरवरी को अपनी नियमित रोजगार के लिए मुख्यमंत्री एवं पंचायत कल्याण मंत्री और विधायक के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया था। लेकिन अब तक प्रेरकों के संबंध में किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे विवश होकर प्रेरक अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने मांगे पूरी नहीं होने तक धरना प्रदर्शन को जारी रखने की बात कही।
