राजनांदगांव जैसे नक्सल संवेदनशील जिले में राष्ट्रीय सुरक्षा को दर-किनार करते हुए वर्तमान समय में हर दूसरे अपराध में कहीं न कहीं प्रयुक्त होने वाली मोबाईल सिम कार्ड बेचने का कार्य राजनांदगांव शहर एवम सम्पूर्ण ज़िले एवं तहसील क्षेत्रों डोंगरगांव, डोंगरगढ़, खैरागढ़ के सड़को, सार्वजनिक चौक-चौराहों , महाविद्यालय इत्यादि स्थानों के सामने बेरोकटोक , धड़ल्ले से किया जा रहा है। जिससे समाज मे आपराधिक व अनैतिक कार्य बढ़ने की पूर्ण संभावना है।
समाज व जिले के सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आज
“भाजपा जिलाध्यक्ष मधुसूदन यादव” , “जिला महामंत्री सचिन बघेल” व “भाजपा शहर अध्यक्ष अतुल रायजादा” के दिशा निर्देश में जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में “अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे जी” को “भाजपा शहर उपाध्यक्ष नागेश यदु” के नेतृत्व में ज्ञापन सौंप कर माँग की गई कि जिले व शहर के चौक-चौराहों
महाविद्यालय, सार्वजनिक स्थानों के सामने तम्बू लगाकर अपने निजी स्वार्थ एवं फायदे के लिए
“अति-संवेदनशील वस्तु मोबाईल सिम” बेचने वालो पर कड़ी कार्यवाही करते हुए पिछले
“छः माह” में बेचे गए सिम की जानकारी व एक्टिवेशन में दिए गए दस्तावेज की जानकारी पुलिस विभाग के समक्ष जमा करने एवं उनके पुनः मिलान-जांच की मांग को लेकर ज्ञापन दिया गया ।
क्यों जरूरी है कार्यवाही…?
ज्ञातव्य हो कि राजनांदगांव अति-संवेदनशील नक्सल क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। पूर्व में भी नक्सल अवैध सहयोग से जुड़ी घटनाओं के तार ज़िले से जुड़ चुके है। ऐसी दशा में एक सिम कार्ड, जो कि आजकल अपराध जगत में प्रयुक्त होने वाला अति-सूक्ष्म किंतु अति संवेदनशील वस्तु माना जाता है। इन सबके बीच शहर में लगातार बढ़ रहे साईबर क्राईम के मामले, फोन पर धमकियां, मनचले तत्वों द्वारा भोली-भाली युवतियों को परेशान करना जैसी नारी सुरक्षा जैसे मामलों से भी जुड़ा हुआ है। ऐसी घटनाएं प्रायः आज के दौर में आमतौर पर देखी गई है ,जहाँ कहीं न कहीं सिम कार्ड का दुष्प्रयोग होता है एवं जाँच की दशा में उक्त सिम कार्ड अक्सर फ़र्ज़ी- अवैध या किसी अन्य व्यक्ति के नाम से निकलता है। अतः उक्त दशाओं को गंभीरता पूर्वक संज्ञान में लेते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यवाही की माँग की गई। एवम सम्बंधितो पर कड़ी कार्यवाही की माँग की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने दिए कार्यवाही के आदेश…!
ज्ञापन में उल्लेखित मुद्दों की गम्भीरता को तत्काल संज्ञान में लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे जी ने जिले के समस्त थाना क्षेत्रों के माध्यम से तत्काल कार्यवाही के आदेश दिए जाने का आश्वासन दिया है। तथा निकट भविष्य में सम्बन्धितों पर जाँच उपराँत कार्यवाही का आश्वासन दिया।
आमलोग फ़्री ऑफ़र के पेंच में न फँसे…
इस क्षेत्र से विगत कई वर्षों से जुड़े सिम विक्रेताओं से जब इस सम्बंध में चर्चा हुई तो उन्होंने बताया कि नया सिम चालू करने की प्रक्रिया इतनी सरल है कि यदि ग्राहक की एक सिम कार्ड की माँग के बदले यदि उसकी जानकारी के बिना एक दूसरा सिम भी एक्टिवेट कर लिया जाए तो ग्राहक को इसकी जानकारी भी नहीं लगेगी।अतः अपनी सुरक्षा की दृष्टि से आमजन अपने वैध डॉक्यूमेंट के माध्यम से सड़कों पर कतई सिम कार्ड की खरीद फ़रोख़्त से बचे। सिम कार्ड जैसी अति संवेदनशील चीज़ खरीदने के लिए कम्पनी के अधिकृत सिम विक्रेताओं की दुकानों या सम्बंधित कम्पनी के कार्यालय से ही खरीदें।
