राजनांदगांव । ब्रह्माकुमारी द्वारा गोकुल नगर स्थित ज्ञानमान सरोवर में महाशिवरात्रि पर 85 वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजगामी संपदा के अध्यक्ष विवेक वासनिक थे। विशिष्टअतिथि के रूप में लोधी समाज के शहर अध्यक्ष चेतन वर्मा, रेवाडीह के पार्षद गामेंद्र नेताम, गगन आइच व अन्य उपस्थित रहे।
भक्तों को शिव के ईश्वरीय महावाक्य सुनाए गए। इस दौरान उपस्थित भक्तों ने अंदर की बुराइयों को त्याग करने की प्रतिज्ञा ली। स्थानीय सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी पुष्पा बहन ने महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य बताया। घोर कलियुगी रात्रि में जब सभी आत्माएं अज्ञान नींद मे सोये हुए हैं। इस वक्त स्वयं परमपिता परमात्मा शिव इस धरा पर अवतरित होकर ज्ञानामृत से सोए हुए आत्मों को अज्ञान नींद से जगा कर सुख शांति पवित्रता का वरदान देकर सम्पन्ना बनाते हैं। इसी की यादगार मे महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। जैसे कि कहा जाता है शिव के उपर बेल, अक, धतूरा इत्यादि विषैले फूल एवं फल चढ़ाये जाते हैं जिससे शिवजी प्रसन्ना होते हैं उसी प्रकार यदि हम अपने अंदर की अनेक बुराई रूपी विषैले अक धतूरे को शिव को अर्पित करके हम उससे वरदान प्राप्त कर सकते हैं।
वासनिक ने कहा कि सेवा केंद्र का वातवारण अत्यंत शांतिमय तथा अलौकिक है। इससे यह आभास होता है कि स्वयं परमपिता परमात्मा इस संस्था के द्वारा अपना दिव्य अलौकिक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार यदि अपने घर के लिए बिजली का कनेक्शन लेना हो तो किराने के दुकान के बजाये पावर हाउस जाना पड़ता है। ठीक इसी प्रकार यदि परमात्मा से संबंध जोड़ना हो तो ब्रह्माकुमारी जैसे आश्रम मे आकर परमात्मा को प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम का सरस मंच संचालन ब्रह्माकुमारी प्रभा बहन, ब्रह्माकुमार चैतराम वर्मा ने भी संबोधित किया।
