डोंगरगढ़ । रेलवे ने आनन-फानन में नए अंडरब्रिज को आम जनता के लिए खोल दिया है। नये अंडर ब्रिज में अव्यवस्था का आलम है। अव्यवस्था देख नगर के जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन की भी चेतावनी दे डाली। करोड़ों की लागत से अंडर ब्रिज का निर्माण किया गया है। ब्रिज के अंदर धूल का गुबार उड़ रहा है। लाइट की भी व्यवस्था नहीं की गई है। इसे लेकर राजनीति गलियारे में विरोध शुरू हो गया है। कांग्रेस-भाजपा के पार्षदों ने अव्यवस्था नहीं सुधारने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
नगर में बने अंडरब्रिज आम जनता के लिए बिना लोकार्पण के शुरू करवा दिया गया है। यहां से गुजरने वाले चालकों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल के गुबार के कारण गुजरना मुश्किल हो जाता है। अंडर ब्रिज में रोशनी की भी व्यवस्था नहीं है। नगर व ग्रामीणों अंचलों से मां बमलेश्वरी के दर्शनार्थी सुबह से रात तक इस मार्ग से गुजरते हैं पर रेलवे प्रशासन का ध्यान इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
फाटक बंद करने का फरमानः रेलवे ने फाटक को 12 मार्च से बंद करने का फरमान जारी कर दिया है। जिसके बाद शहर के लोगों में जमकर आक्रोश है। लोगों ने बताया कि फाटक बंद से आमजनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। अंडरब्रिज मैं भारी वाहन प्रवेश न कर सकें। इसके लिए ब्रिज के उवर लोहे का एंगल लगाया गया है। लेकिन सोचने वाली बात यह है्र कि महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले भारी लोडिंग वाहन अंडर ब्रिज से कैसे निकलेगी। नगर पालिका अध्यक्ष सुदेश मेश्राम ने नवनिर्मित अंडर ब्रिज का निरीक्षण किया तो कई खामियां दिखी। उन्होंने तत्काल रेलवे के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। मेश्राम ने कहा कि यदि दो दिनों के भीतर व्यवस्था नहीं सुधारा गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
देखने वाला कोई नहीं: शहरवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग को आनन-फानन में पूरा करते हुए रेलवे ने नवनिर्मित अंडर ब्रिज को लावारिस हालत में छोड़ दिया है। शहरवासी सुविधा विहीन अंडर ब्रिज का उपयोग धूल भरे मार्ग में करने मजबूर है। गेटकीपर को मौखिक आदेश देकर रेलवे के स्थानीय आला अधिकारियों ने नौ मार्च से ही मोटरसाइकिल पर भी प्रतिबंध लगाने का निर्देश दे दिया गया है। डोंगरगढ़ एसडीएम अविनाश भोई ने कहा कि पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बिना अंडर ब्रिज का उपयोग करना आम जनों के हित में नहीं है। भोई ने निर्माण एजेंसी से चर्चा कर यातायात की सुविधा प्रदान करने की बात कही है।
साफ-सफाई का बुरा हाल अंडर ब्रिज में साफ-सफाई का बुरा हाल है। रेलवे ने आनन-फानन में अंडर ब्रिज को तो खोल दिया है। लेकिन अब भी अव्यवस्था का आलम है। रेलवे के विभागीय इंजीनियरों के साथ साथ पालिका प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा ब्रिज निर्माण के पूर्व ही ब्रिज के दोनों किनारों पर तकनीकी त्रुटियों और ट्रैफिक की संभावित कठिनाइयों की अनदेखी क्यों की गई समझ से परे हैं। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ र हा है। बड़ी विडंबना है कि सरकार बदलते ही जनता की सुविधाओं, असुविधाओं का पूर्वानुमान लगाए बिना ब्रिज की डिजाइन बदल दी गई।
