राजनांदगांव । शहर के म्युनिस्पिल स्कूल मैदान में आयोजित दो दिनी खेल महोत्सव का समापन हो गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आयोजित महापौर खेल महोत्सव में शहर की महिलाओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। महोत्सव में छग की पारंपरिक खेल स्पर्धाएं हुई, जिसमें महिलाओं ने सहभागिता कर फुगड़ी, रस्सी खींच, कबड्डी, गेंड़ी, खो-खो, कुर्सी दौंड, गिल्ली-डंडा जैसे खेलों का लुफ्त उठाया। सुबह से ही महिलाएं खेल स्पर्धा में हिस्सा लेने पहुंच जाती थं। दो दिनी महोत्सव का बुधवार को समापन हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में छग राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डा. किरणमयी नायक पहुंची, उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन कर उन्हें आत्म विश्वास बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
जीतने वाली महिलाएं पुरस्कृत। खेल महोत्सव में कुर्सी दौड़ स्पर्धा में शहर के गोकुल नगर की प्रेमलता को प्रथम, पेन्ड्री की मीना अंचला को द्वितीय व मोहारा की हिरोन्दी को तीसरे स्थान पर रही। इसी तरह गिल्ली डंडा में पेंड्री की परवीन प्रथम, चिखली की लेखिन साहू द्वितीय और भरकापारा की माधुरी देवांगन तीसरे स्थान पर आयी। फुगडी में सागरपारा की संगीता प्रथम, गोकुल नगर की प्रेमलता द्वितीय व चिखली की डिलेश्वरी को तृतीय स्थान में आयी। बोरा दौड में भरकापारा की रानी शर्मा को प्रथम, पेंड्री की मित्रा आंचल को द्वितीय व पुष्पवाटिका की शशि यादव को तृतीय स्थान। गैडी दौड में पेंड्री की मंजू छेदैय्या को प्रथम, लखोली की इश्वरी को द्वितीय व चिखली की पुष्पा वर्मा को तीसरे स्थान पर रही। जलेबी दौड में राजीव नगर की प्रीति साहू को प्रथम, जमातपारा की इंदु वासनिक को द्वितीय व मोहारा की संतोषी साहू को तृतीय स्थान हासिल किया। इन सभी विजयी महिलाओं को 11 सौ रूपये, सात सौ रूपये और पांच सौ रूपये नगद और प्रमाण पत्र दिया गया। इसी प्रकार समूह खेल कब्बडी में नगर निगम साई सेंटर की महिलाओं को प्रथम, शंकरपुर सेंटर की महिलाओं को द्वितीय और लखोली सेंटर की महिलाओं को तृतीय पुरुस्कार दिया गया। खो-खो में नया ढाबा की महिलाएं प्रथम रही। लखोली की महिलाओं ने दूसरा और शंकरपुर की महिलाओं ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा रस्सा कस्सी में नया ढाबा की महिलाओं को प्रथम, सागरपारा को द्वितीय और बैगा पारा को तृतीय पुरस्कार दिया गया। इन्हें प्रथम पुरूस्कार 21 सौ रूपये, द्वितीय 15 सौ रूपये और तीसरा स्थान पाने वाली महिलाओं की टीम को 11 सौ रूपये नगद व प्रमाण पत्र दिया गया।
भेदभाव को मिटाना ही उद्देश्य : खेल महोत्सव के समापन पर पहुंची छग राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डा. किरणमयी नायक ने आयोजन की सराहना करते हुए महिलाओं को उत्साहित किया। उन्होंने कहा कि भगवान ने महिलाओं को शक्ति देकर सशक्त बनाया है। महिलाएं नहीं होगी तो मानव जीवन का अस्तित्व नहीं होगा। महिलाओं का आत्म विश्वास बढाना और महिला पुरूष के भेदभाव मिटाना ही हमारा उद्देश होना चाहिए। जैसे एक सफल पुरूष के पीछे एक महिला होती है, वेसे ही महिला को आगे बढाने में महिला का हाथ होता है। पुरूष परिवार में महिलाओं को सम्मान दे, तब परिवार सुधरेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी महिलाओं को सशक्त बनाने विभिन्ना योजनाएं चला रही है। सावन मेले का भी आयोजन होना चाहिए। कार्यक्रम में समाजसेविका जयश्री दलेश्वर साहू ने अध्यक्षता की। वहीं विशेष अतिथि के रूप में छग राज्य अत्यावसायी व वित्त विभाग के अध्यक्ष धनेश पाटिला व राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष विवेक वासनिक, पूर्व महापौर अजीत जैन, सुदेश देशमु और रमेश डाकलिया निगम अध्यक्ष हरिनारायण पप्पू धकेता, महिला व बाल विकास विभाग की प्रभारी सदस्या बैना बाई टुरहाटे सहित महापौर परिषद के प्रभारी सदस्य, पार्षद व नामांकित पार्षदों के साथ नगर निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी मौजूद थे।
इन महिलाओं का हुआ सम्मान
जेसीबी महिला चालक दमयंती सोनी, ई-रिक्शा महिला चालक सरिता नेताम, संतोषी कामडे, ममता यादव, प्रभा पटेल, कलश गौतम, अमिन साहू, जमना वर्मा, राम बाई, यशोदा व कुलेश्वरी साहू को स्मृति चि- दिया गया। दीनदयाल अंतयोदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की महिला बैगा पारा की कुंती यादव, केसर नगर की नूरी बेगम व शिवनाथ कालोनी की वर्षा केहरी को अधिकार पत्र दिया गया। साथ ही विद्या स्व सहायता समूह की महिलाओं को समूह लोन स्वीकृति पत्रक दिया गया। 10 महिला समूहों को अवर्ती निधि चेक वितरण किया। इसके अलावा चित्रकार मूर्ति संघ के अध्यक्ष व पदाधिकारियों को उनकी रंगोली के लिए 11 सौ रूपये नगद देकर पुरूस्कृत किया गया। वहीं स्व सहायता समूह की महिलाएं जो प्रधानमंत्री आवस योजना के घटक मोर जमीन मोर मकान के तहत आवास निर्माण करने पर तुलसी बाई, फटकन यादव, कुसुम बाई, सावित्री मेंश्राम, भूखीन बाई, धर्मिन बाई जंघेल, मंजू साहू, सीता गोड, पार्वती रावटे, हेमलता यादव, सोना यादव, रंभा बाई, कौशिल्या बाई, राधा बाई, सुशिला परिहार, पुलन बाई, रैमुन मेश्राम व सुशिला बाई को प्रसस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
