राजनांदगांव, शहर के मोहारा वाटर फिल्टर प्लांट में पानी के शुद्धिकरण में प्रयोग होने वाला एलम (फिटकरी) खत्म हो गया। इससे 22 जुलाई को पूरे दिन पानी का ट्रीटमेंट नहीं हो सका और शाम को नलों से पानी की सप्लाई बाधित रही।
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने पार्षदों के साथ मौके का निरीक्षण कर एलम की कमी की पुष्टि की। एक मामला यह भी है कि प्लांट में कार्यरत 8 ठेका कर्मचारियों को अप्रैल से वेतन नहीं मिला है। इस मामले में निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने जल विभाग के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

तेजस कंस्ट्रक्शन को सौंपा जिम्मा
तेजस कंस्ट्रक्शन ने ही यहां के 8 कर्मचारी नियुक्त किए हैं। प्लांट का सारा ऑपरेशन कंपनी ही देखती है। निजी कंपनी को प्लांट सौंपते ही व्यवस्था बिगड़ गई है। आए दिन एलम के स्टॉक खत्म होने की शिकायत बनी हुई है। इसकी वजह से परेशानी बढ़ती जा रही है।
फिल्टर प्लांट के निजी कंपनी को सौपने के बाद ट्रीटमेंट में इस्तेमाल होने वाले एलम की मात्रा में भी कटौती कर दी गई है। प्लांट कर्मचारियों से जानकी लेने पर पता चला कि रोजाना प्लांट में 7 टन एलम की खपत हो रही है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष पिल्ले ने कहा कि पहले प्लांट में हर दिन 9 टन एलम का इस्तेमाल ट्रीटमेंट के लिए इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन निजी कंपनी ने हैंडओवर लेते ही पानी के उपचार में भी कटौती कर दी है।
15 दिन का स्टॉक जरूरी, बड़ी लापरवाही
नेता प्रतिपक्ष निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने कहा कि जब ये निरीक्षण में पहुंचे तो एलम का स्टॉक खत्म हो चुका था। इसी वजह से तीनों प्लांट में वाटर ट्रीटमेंट रोका गया था अफसर मोटर खराब होने का बहाना कर रहे।
इस कारण प्लांट बंद किया गया
शहर अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा ने बताया कि वार्डों में नलों से खराब पानी आ रहा है। हालांकि, निगम के कार्यपालन अभियंता यूके रामटेके का कहना है कि मोटर खराब होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण प्लांट को बंद किया गया था।
कर्मचारियों के अनुसार यह समस्या नियमित है और हर 2 दिन में एलम की आपूर्ति की जाती है। मोहारा में तीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट हैं – 27 एमएलडी, 17 एमएलडी और 10 एमएलडी क्षमता के। यहां से रोजाना 2 करोड़ लीटर पानी का शुद्धिकरण किया जाता है।
