राजनांदगांव। भाजपा द्वारा उदयाचल भवन में केंद्रीय बजट पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। स्वागत भाषण में प्रथम वक्ता पूर्व सांसद मधुसूदन यादव ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कोरोना महामारी में किए गए बजट का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दूरगामी सोच, रोजगार मूलक बजट, समावेशी बजट, देश की प्रगति की बजट, आत्मनिर्भर भारत की बढ़ते कदम की बजट है। द्वितीय वक्ता पारस छाजेड़ ने कहा कि विषम परिस्थितियों में बनाया गया कर संबंधी जटिलताएं की ओर ध्यान आकर्षित बजट में किया गया। फेसलेट पेनाल्टी आ गई है। दिशा ठीक है, दशा अच्छी नहीं है। तृतीय वक्ता सेल्स बार काउंसिलिंग अध्यक्ष सुरेश एचलाल ने हिंदुस्तान के इतिहास में सबसे बड़ा बजट बताया। प्रणव मुखर्जी ने 2010 में अपने बजट में कहा था कि हिंदुस्तान को गर्व है 10 लाख करोड़ की बजट लाए हैं। अगर इनकी तुलना की जाए तो प्रधानमंत्री मोदी विषम परिस्थितियों में भी 35 लाख करोड़ की बजट अवधारणा रखे हैं।
0 छह स्तंभों का बजटसांसद संतोष पांडेय ने छह स्तंभों का बजट बताया। उन्होंने कहा कि बजट में स्वास्थ्य एवं खुशहाली, भौतिक, वित्तीय पूंजी, आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी को ऊर्जावान बनाना, नवाचार अनुसंधान शोध, न्यूनतम सरकारी हस्तक्षेप शामिल हैं। भारत माला योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ में तीन राजमार्ग इस बजट में शामिल किए गए हैं जो 20 हजार करोड़ रुपये से बनेंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना 2022 तक पक्का मकान 27 हजार 500 करोड़, एक लाख 72 हजार करोड़ धान खरीदी भुगतान, उज्ज्वला योजना में एक करोड़ नए गैस कनेक्शन दिए जाएंगे। अनुसूचित जनजाति 750 एकल आवासीय विद्यालय, जन आरोग्य के तहत पांच लाख का मुफ्त इलाज, एक राष्ट्र एक राशन की सुविधा मिलेगी। लेकिन छत्तीसगढ़ की सरकार राजनीतिक दुराग्रह से योजनाओं का ठीक ढंग से क्रियान्वयन नहीं कर रही है। इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता लीलाराम भोजवानी, सचिन बघेल, प्रदीप गांधी, नीलू शर्मा, संतोष अग्रवाल, कोमल जंघेल, कोमल सिंह राजपूत, रमेश पटेल, सरोजिनी बंजारे, उत्तम गीड़िया, आभा तिवारी, मणि भास्कर गुप्ता, पारुल जैन, रघुवीर वाधवा, मधु बैद, आकाश चोपड़ा ,सुरेश खंडेलवाल, नरेश बैद पतली, बालचंद भंसाली व अन्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शरद श्रीवास्तव व आभार प्रदर्शन सचिन बघेल ने किया। महाशिवरात्रि पर रूक्खड़ मंदिर में 12 ज्योर्तिलिंगों की होगी पूजा0 नारी-शक्ति के सम्मान से शुरू होगा पांच दिवसीय आयोजनफोटो 22 राज 31 सोर्स-आयोजन समितिकैप्शन-मंदिर में तैयारी शुरू हो गई है।खैरागढ़ (नईदुनिया न्यूज)। शहर के रूक्खड़ मंदिर में इस बार पांच दिवसीय महाशिवरात्रि महापर्व का आयोजन होगा। इसमें पहली बार द्वादश ज्योर्तिलिंगों की पूजा के साथ संगीतमय रुद्राभिषेक किया जाएगा। इसके लिए भिलाई से आचार्य कांहा व देवाजी महाराज खासतौर पर पधारेंगे। ओम नमः शिवाय का अखंड जाप होगा और भगवान शंकर की बारात भी निकलेगी। लगातार दूसरे साल हो रहे इस भव्य आयोजन की शुरुआत आठ मार्च को अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस से होगी। पहले दिन गोधुलि बेला में गौ माता के पूजन बाद नारी शक्ति का सम्मान किया जाएगा। महापर्व को लेकर खैरागढ़ के अलावा गंडई और छुईखदान में भी व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई है। पहले दिन ही सुबह खैरा के नर्मदा कुंड से जल लाने के लिए हिंदू जनजागरण सेवा समिति का गठन किया गया है। समिति से जुड़े सैकड़ों कांवरिए नर्मदा कुंड का जल लेकर रूक्खड़ मंदिर पहुंचेंगे। ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष रामकुमार सिंह ने बताया कि पांचों दिन अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। इसमें कोरोना वारियर्स, समाज सेवी संगठनों का सम्मान भी शामिल है।0 निर्मल त्रिवेणी महाभियान के सदस्यों ने संभाली कमान महापर्व के आयोजन को लेकर निर्मल त्रिवेणी महाभियान के सदस्यों ने कमान संभाल ली है। मंदिर परिसर की साफ-सफाई और पुताई का काम शुरू हो गया है। महाभियान के सदस्य रोज दो से तीन घंटे श्रमदान कर मंदिर को सजाने में जुटे हुए हैं। महाशिवरात्रि महापर्व के पहले दिन सोमवार आठ मार्च को खैरा से आएगा नर्मदा जल, शाम पांच बजे रूक्खड़ विहार में होगा गो-पूजन और शाम छह बजे नारी शक्ति सम्मान समारोह होगा। मंगलवार नौ मार्च को छह बजे सेवा सम्मान समारोह में कोरोना काल में काम करने वाले कोरोना वारियर्स और समाज सेवी संगठनों का सम्मान होगा। बुधवार 10 मार्च को शाम छह बजे भजन संध्या का आयोजन रखा गया है। 11 मार्च को सुबह छह से 10 बजे तक द्वादश ज्योर्तिलिंग पूजन और रूद्राभिषेक, ओम नमः शिवाय का अखंड जाप और दोपहर चार बजे शिव बारात निकलेगी। जिसके बाद महापर्व के अंतिम दिन 12 मार्च को सुबह साढ़े दस बजे से हवन-पूजन बाद दोपहर एक बजे भोग भंडारा और महाप्रसादी वितरण होगा।
