रायपुर. छत्तीसगढ़ के 2000 छात्र-छात्राएं कोचिंग करने के लिए राजस्थान के कोटा गए हैं. लॉकडाउन के कारण फंसे इन बच्चों को वापस लाने की कवायद प्रदेश सरकार द्वारा शुरू कर दी गई है. इसके लिए राज्य से बसों को रवाना कर दिया गया है. राज्य के अलग अलग जिलों से पालकों से मिली जानकारी के आधार पर छात्र-छत्राओं की सूची तैयार की गई है. इसी सूची के आधार पर उन्हें कोटा से लाने की कवायद की जा रही है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बीते 23 अप्रैल को फोन पर चर्चा की थी. बातचीत में उन्होंने दूसरे राज्यों में फंसे प्रदेश के मजदूर और पढ़ाई करने के लिए गए स्टूडेंट्स को वापस लाने की अनुमति देने का अनुरोध किया था. इसके बाद आज कोटा में फंसे बच्चों को लाने की कवायद सरकार द्वारा शुरू की गई. सीएम भूपेश बघेल ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी.छत्तीसगढ़ सरकार में जनसंपर्क विभाग के आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा ने न्यूज 18 को बताया कि कोटा में प्रदेश के करीब 2000 स्टूडेंट्स के होने की जानकारी मिली है. इनको लाने के लिए राज्य से 75 बसें कोटा भेजी गई हैं. मिली जानकारी के मुताबिक ये सारे बच्चे मेडिकल और इंजीनियरिंग के एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी के लिए कोटा गए हैं. बता दें कि राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ के 90 हजार 418 प्रवासी श्रमिक जो देश के 21 राज्यों और 4 केन्द्र शासित प्रदेशों में हैं.
