राजनंदगांव. न्यायालय के आदेश के बाद जिला सहकारी केन्द्रीय बैक के अध्यक्ष सचिन बघेल ने एक बार फिर अपना कार्यभार संभाला है। जिससे उनके समर्थकों ने उनके कार्यालय पहुंचकर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। इस बोर्ड को गड़बडी के आरोप में पंजीयक सहकारी संस्था ने निलबित किया था।
राजनंदगांव और कवर्धा जिले में संयुक्त रूप से संचालित राजनंदगांव जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के बोर्ड को कार्यालय पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ के द्वारा निलंबित किये जाने से बोर्ड ने न्यायालय की शरण की शरण ली और हाई कार्ट के आदेश के बाद बोर्ड की पुनः वापसी हुई। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के बोर्ड के द्वारा गड़बड़ी से बैंक को करोड़ रुपए का नुकसान होना बताते हुए बोर्ड को निलबिंत किया गया था। वहीं अगस्त 2019 में सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ के द्वारा एक आदेश जारी कर राजनंदगांव कलेक्टर को बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त करते हुए सहकारी बैंक के अन्य सदस्यों के रूप में नाबार्ड द्वारा नामांकित सदस्य, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। निलबंन के बाद 13 सदस्य वाले राजनंदगांव जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के बोर्ड ने हाई कोर्ट से निलबंन पर स्टे ले लिया था। जिसके बाद मामला कोर्ट में चलता और बोर्ड को पुना कार्यभार सौपा गया। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के बोर्ड के अध्यक्ष पद का पुनः कार्यभार सौंपते हुए बोर्ड के अध्यक्ष सचिन बघेल ने इसे न्याया की जीत बताते हुए कहा कि हमारे कार्यकाल का सर्टिफिकेशन रिर्जव बैंक आॅफ इंडिया ने दिया था और जो भी आरोप लगे थे उस आरोप को लेकर सहकारिता एक्ट में प्रावधान है कि जब तक आरबीआई से अनुमति नहीं मिलती तब तक सुपर सेशन नहीं किया जा सकता। उन्होनंे कहा कि न्यायालय ने भी इस बात को मना है कि लगातार किसी भी सहकारी केन्द्रीय बैंक के बोर्ड को निलंबित नहीं रख सकते। वहीं इस मामले में जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के सीईओं सुनील कुमार ने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देश की काफी प्रस्तुत करने के बाद बोर्ड को पदभार सौंपा गया है।
अगस्त 2019 से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के बोर्ड को 4 बार निलंबित किया गया। न्यायायल के आदेश के बाद एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और 9 अन्य सदस्यों ने पुनः कार्यभार संभाला है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के बोर्ड के सदस्यों को उनके शुभ चिंतकों ने बधाई और शुभकामनाएं दी है।
