रायपुर : रायपुर जिला प्रशासन ने जनचौपाल लगाकर और लंबित प्रकरणों को एक सप्ताह के भीतर निराकरण करने की तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर ने कई विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। स्वास्थ्य, शिक्षा,किसान आदि विषयों पर मंथन किया।जिला शिक्षा अधिकारी से स्कूल खुलने के बाद की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली और सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देंशित किया कि वे अपनी अधीन स्कूलों का लगातार मुआयना करें। कोविड प्रोटोकाॅल को ध्यान में रखते हुए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों और प्राचार्यों के माध्यम से शिक्षा की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।कलेक्टर डाक्टर एस.भारतीदासन ने मंगलवार को रेडक्राॅस सोसायटी के सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने रायपुर जिले में शुरू होने वाले स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल की तैयारियों की भी जानकारी ली।
कलेक्टर ने कृषि, उद्यानिकी और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे फील्ड स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों के माध्यम से शासकीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। अधिक से अधिक किसानों और पशुपालकों को लाभांवित करें।उप संचालक कृषि ने बताया कि रायपुर जिले में गोधन न्याय योजना के तहत 1200 क्विंटल वर्मी खाद् की बिक्री हो गई है। जिले में इसके अलावा तीन हजार 500 क्विंटल वर्मी खाद् भी तैयार हो रही है। उल्लेखनीय है कि गोठानों में तैयार उत्कृष्ट गुणवत्ता की जैविक एवं वर्मी खाद् गोठानों की समितियों और सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों और नागरिकों के विक्रय हेतु उपलब्ध है। कलेक्टर ने जन चौपाल के साथ किसानों से संपर्क कर वर्मी खाद् की उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया, जिससे भूमि का सुधार हो। साथ ही रसायनिक खाद् की अपेक्षा जैविक खाद् को बढ़ावा मिले। उन्होंने दलहन, तिलहन तथा अन्य वैकल्पिक फसलों को भी बढ़ावा देने को कहा।उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को गोठानों के लिए मुर्गीपालन और बकरीपालन के ज्यादा से ज्यादा प्रकरण स्वीकृत कर समितियों के माध्यम से गांव में मल्टी एक्टीविटी गतिविधियों के द्वारा रोजगार के साधनों को बढ़ाने को कहा। महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि रायपुर जिले में 27 फरवरी को मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह होना है।
