डोंगरगढ़ . नेहरू महाविद्यालय में जल्द ही नैक की टीम मूल्यांकन के लिए आएगी। मूल्यांकन के बाद कालेज को ग्रेड दिया जाएगा। कालेज प्रबंधन ने नैक के मूल्यांकन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। मूल्यांकन में स्मार्ट क्लासेस, कंप्यूटर लैब, इंग्लिश लैंग्वेज लैब, कामर्स लैब, वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य सुविधाएं देखी जाएंगी। नैक मूल्यांकन को लेकर हलचल बढ़ गई है। कुछ दिनों पहले कालेज के एलुमिनी सदस्यों की बैठक भी हुई, जिसमें बैठक में ग्रेड पाने के गुर बताए गए।0 इस तरह मिलता है ग्रेडविश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी महाविद्यालय के प्राचार्य डा.आरएन सिंह ने उपस्थित एलुमिनी सदस्यों को महाविद्यालय के नैक मूल्यांकन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अच्छा ग्रेड प्राप्त करने के लिए हम सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ग्रेडिंग चार अंकों में होती है। डेढ़ से दो अंक मिलने पर सी ग्रेड, दो से ढ़ाई अंक मिलने पर बी ग्रेड, ढ़ाई से तीन अंक मिलने पर बी प्लस ग्रेड और इससे अधिक अंक मिलने पर ए ग्रेड प्राप्त होता है। ग्रेडिंग में 50 में से 20 अंक एलुमिनी संगठन द्वारा किए गए आर्थिक सहयोग पर निर्धारित होते हैं। एसोसिएशन द्वारा दो से पांच लाख रुपये जमा करने पर महाविद्यालय को सी ग्रेड, पांच से 10 लाख जमा करने पर बी ग्रेड, 15 से 20 लाख जमा करने पर बी प्लस ग्रेड और 20 लाख से अधिक राशि जमा होने पर ए ग्रेड प्राप्त करने में सहायक होता है। उन्होंने बताया कि भूतपूर्व संगठन का रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। साथ ही विद्यार्थियों का आर्थिक अंशदान, बैंक में खाता होना अनिवार्य है, जिसका संचालक एलुमिनी एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं प्राचार्य सचिव होते हैं। एलुमिनी एसोसिएशन द्वारा आर्थिक सहयोग के साथ-साथ सामाजिक, पर्यावरणीय, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करना महाविद्यालय को नैक मूल्यांकन में अच्छा ग्रेड प्राप्त करने कारगार होते हैं।
0 एलुमिनी छात्रों ने रखे विचारमहाविद्यालय के प्राचार्य डा. केएल टांडेकर ने बताया कि भूतपूर्व विद्यार्थियों को एलुमिनी एसोसिएशन शासकीय नेहरू महाविद्यालय डोंगरगढ़ के नाम से सात सितंबर 2015 को पंजीकृत हुआ है। इसमें 18 सदस्य थे। एसोसिएशन के अध्यक्ष पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष धीरज मेश्राम, उपाध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार विष्णु प्रसाद शर्मा, सचिव शास. बालका महाविद्यालय के प्राचार्य ललित किशोर नारंग, कोषाध्यक्ष शास. महाविद्यालय गंडई के सहायक प्राध्यापक अजय श्रीवास्तव बने थे। एसोसिएशन का उद्देश्य महाविद्यालय का विकास एवं हित संरक्षण, खेल, संस्कृति, एवं शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन एवं गतिविधियों को सम्मानित करना, अंधविश्वास एवं सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए जनजागरण, शहर को पालीथिन मुक्त बनाने एवं रोजगार मागदर्शन है। प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष स्वर्ण पदक प्रदान करने के लिए मात्र 10 भूतपूर्व छात्रों एवं अन्य तीन दानदाताओं ने 10-10 हजार रुपये दान में दिए। प्रत्येक कक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त विद्यार्थियों को 15 पदकों की आवश्यकता है। यह पदक उनके स्व. माता या पिता के नाम से आजीवन प्रदान किया जाता है। अपने नवीन भवन में शिफ्ट हुए महाविद्यालय ने एक वर्ष पूर्ण कर लिया है। नैक की तैयारी करते हुए महाविद्यालय में आठ स्मार्ट क्लासेस, 60 कंप्यूटर, कंप्यूटर लैब, इंग्लिश लैंग्वेज लैब, कामर्स लैब, वाटर हार्वेस्टिंग है। साथ ही स्टूडेंट सपोर्ट कार्यक्रम आयोजित हैं। 0 बैठक में ये रहे उपस्थितमहाविद्यालय के प्राध्यापकों द्वारा सभी भूतपूर्व छात्र-छात्राओं को पुष्पगुच्छ, पेन एवं डायरी भेंटकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में समस्त भूतपूर्व छात्र-छात्राओं ने अपना परिचय दिया। बैठक में महाविद्यालय के छात्र रहे पूर्व विधायक विनोद खांडेकर, दुर्ग साइंस कालेज के प्राचार्य डा. आरएन. सिंह, वैशाली नगर भिलाई की प्राचार्य डा. श्रीमती अलका मेश्राम, वरिष्ठ नागरिक एवं रिटायर्ड रेंजर एवं डोंगरगढ़ विकास मंच के सचिव केके वर्मा, दिग्विजय महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक एचएस भाटिया, महाविद्यालय छुरिया से वाणिज्य विभाग विभागाध्यक्ष डा. राजेन्द्र शर्मा, बीआईटी दुर्ग के सहायक प्राध्यापक डा.अभिषेक चक्रवर्ती, एलुमिनी एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष धीरज मेश्राम, गंडई महाविद्यालय के सहा. प्राध्यापक अजय श्रीवास्तव, फूड इंस्पेक्टर चंद्रशेखर देवांगन, खैरागढ़ महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक जितेंद्र साखरे, रामाटोला महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका संगीता रंगारी, पाटन महाविद्यालय से क्रीड़ा अधिकारी दिनेश नामदेव, दिग्विजय महाविद्याल के क्रीड़ा अधिकारी अरुण चौधरी, तजिंदर सिंह भाटिया, पुनाराम सिंहा, उमेश हथेल, डा. आंबेडकर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य राजेश मोहने, जनपद सदस्य महेश सेन, पार्षद प्रतिनिधि सुमित ताम्रकार व अन्य उपस्थित रहे।
