राजनांदगांव. कोरोना काल से स्कूल व कालेजों में ताला लटका हुआ है। जिसके चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्र युवा मंच ने स्कूल व कालेजों को खोलने की मांग को लेकर गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह को ज्ञापन सौंपा। छायुमं के पदाधिकारियों ने ज्ञापन देकर लाइब्रेरी, कोचिंग क्लासेस, इंस्टीट्यूट संचालन में दिए गए गाइडलाइन के अनुसार स्कूल व कालेजों को भी खोलने की मांग की है। मंच के नागेश यदु ने कहा कि सरकार को बोर्ड व अंतिम वर्ष कक्षाओं में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के जीवन के प्रति गंभीर होकर आफलाइन कक्षाएं शुरू करनी चाहिए। क्योंकि 11 माह से स्कूल,कालेज बंद हैं। बोर्ड कक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त होने पर ही विद्यार्थी अपने भविष्य योजनाओं को ध्यान में रखकर नए कक्षा के लिए विषय का चयन करते हैं। बोर्ड व अंतिम वर्ष की कक्षाएं विद्यार्थियों के जीवन का आधार होती है। सरकार जनरल प्रमोशन, प्रायोगिक असाइनमेंट के आधार पर विद्यार्थियों को उत्तीर्ण जरूर कर सकती है। पर विद्यार्थी को ज्ञान सिर्फ और सिर्फ स्कूल, कालेज में अध्ययन करने पर ही प्राप्त होगा।
0 युवा कल से भूख हड़ताल में बैठेंगे
स्कूल खोलने की मांग को लेकर छात्र युवा मंच के पदाधिकारियों कई बार प्रदर्शन कर सरकार का ध्यानाकर्षण करा चुके हैं। इसके बाद भी सरकार स्कूल व कालेजों को खोलने गंभीर नहीं है। मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि स्कूल, कालेज खोलने के विषय पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्रिमंडल को जिम्मेदारी सौंपी है। मंत्रिमंडल की बैठक 13 फरवरी का होगी। बैठक के आधार पर ही विद्यार्थियों का भविष्य तय होगा कि इस वर्ष बच्चे स्कूल कालेज का दर्शन कर पाएंगे कि नहीं। स्कूल, कालेज खोलने के विषय मे सरकार के उदासीन रवैये को देखते हुए 13 फरवरी को छात्र युवा मंच के नेतृत्व में युवा एक दिवसीय भूख हड़ताल रखकर मंत्रिमंडल को युवा विद्यार्थी हित मे निर्णय लेने की प्राथर्ना करेंगे।
