राजनांदगॉव . शासकीय कमला देवी राठी महिला महाविद्यालय राजनांदगांव के स्नात्तकोत्तर भूगोल विभाग द्वारा संस्था प्राचार्य डॉ. सुमन सिंह बघेल के प्रमुख निर्देशन में विषयक छात्राओं के लिए विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण के कारण एवं निवारण जैसे समसामायीक विषय पर व्याख्यान देते हुए विभागाध्यक्ष कृष्ण कुमार द्विवेदी द्वारा छात्राओं को बताया कि दैनिक कार्य प्रक्रम में बढ़ते प्लास्टिक के उपयोग से प्लास्टिक प्रदूषण को खतरनाक सीमा तक बढ़ा दिया है प्लास्टिक प्राकृतिक रूप से विघटित नही हो पाता है और दीर्घ अवधि तक नष्ट नहीं होने के कारण पर्यावरण और प्रकृति को व्यापक पैमाने पर क्षति पहुंचा रहा है। प्लास्टिक प्रदूषण आज वैश्विक समस्या बन गई है। प्रतिवर्ष अरबो की संख्या में प्लास्टिक थैलियों, बोतले, पैकिंग सामग्री फैक दी जाती है जिससे असंख्य जीव जंतुओं को गंभीर बीमारीयां हो जाती है और वे मर जाते है। साथ थी नदी, नाले, नालियों में जल प्रवाह रूक जाता है और गंभीर जल मिट्टी वायु प्रदूषण बढ़ता जाता है। यहां तक की प्लाटिक जलाये जाने से अत्यन्त विषैली गैस डाई आक्सीन निकलती है जिससे वायु प्रदूषण गहराता है और गंभीर जानलेवा श्वासरोग फैलते है और रीसाईकिल प्लास्टिक के उपयोग से भी आम जनों में स्वास्थ्य के खतरे बढ़ते जाते है। आगे पर्यावरण विज्ञ प्राध्यापक द्विवेदी ने प्लास्टिक प्रदूषण से निवारण के लिए स्पष्ट किया कि प्लास्टिक का सर्वोत्तम विकल्प प्राकृतिक रूप से विघटित स्टार्च के पॉलीमर थैलों का प्रयोग बढ़ाया जाए तथा प्लास्टिक अपशिष्ट को जल स्त्रोतों तथा सागरों में जाने से रोका जावें। खेतों घास मैदानों एवं वन क्षेत्रों में भी प्लास्टिक अपशिष्ट रोके जाए इनका उपयोग सड़क निर्माण आवासों में पार्टीशन, दरवाजे, फर्निचर आदि में एक सीमा तक किया जाना ही उचित होगा। साथ ही सर्व जन – जन को तथा व्यापारी वर्ग को प्लास्टिक थैलियों के आम उपयोग से परहेज करना ही होगा तथा प्लास्टिक अपशिष्ट को उचित निप्टान के लिए नित्य पहल करनी होगी। व्याख्यान से छात्राओं ने सीख लेते हुए अधिक से अधिक घर परिवार पड़ोसियों एवं स्वयं को जागरूक करने एवं रहने का दृढ संकल्प लिया।
