डोंगरगढ़. प्रसाद योजना में शामिल मोटल व ओपन एयर थियेटर निर्माण किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार ने कच्ची सड़क का बंद कर दिया है। जिसके चलते किसान खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। निर्माण के नाम पर कच्ची सड़क को घेरा दिया गया है। घेराबंदी होने के कारण किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा बताई। बता दें कि पहलें फेज में 43 करोड़ 33 लाख की स्वीकृति मिलनें के बाद भूमिपूजन की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। उपर मंदिर पहाड़ी के नीचे आक्सीजोन से लगी साढ़े नौ एकड़ जमीन में मोटल व ओपन एयर थियेटर बनना प्रस्तावित है। आक्सीजोन से लगें करीब 15.20 किसानों की जमीन है। जो आवाजाही के लिए सरकारी जमीन का उपयोग करतें थे। जिसे भी कब्जा करनें के बाद बाउंड्रीवॉल करके रास्तें को ही बंद करनें की तैयारी है। किसान किशोर दहिकार, कृष्णावेणी स्वामी, राजकुमार साहू, मनीश साहू, रामसुख कुंजाम, तीरथ साहू, शैलेष साखरे, गणेशराम उइके ने बताया कि वर्षों से खेत आने-जाने के लिए सरकारी धरसा (कच्ची सड़क) का उपयोग कर रहे है। लेकिन पर्यंटन विभाग मोटल व ओपन एयर थियेटर निर्माण से पहले धरसा को ही बंद कर रहा है। रास्ता बंद होने से खेत जाने के लिए रास्ता ही नहीं रहेगा और किसान खेती नहीं कर सकेंगे।
0 जमीन पर कब्जा की तैयारीपर्यटन विभाग को 71/1 व 71/3 की भूमि आवंटित हुई है। लेकिन ठेकेदार 71/2 जो कि सरकारी रिकार्ड में धरसा दर्ज है में भी कब्जा करके बाउंड्रीवाल कर रहा है, जो जमीन आवंटित नहीं हुई है, उसे भी कब्जा करनें की तैयारी है। चेक डैम का रास्ता भी इसी जमीन से है। किसानों ने बताया कि 71/2 से होकर ही चेक डैम पहुंचा जाता है। सालों से किसान अपनें मवेशियों को भी चराने के लिए यहीं से ले जा रहे है। मवेशी भी चेक डैम में पानी पीने के लिए एकत्रित होते है। धरसा के रास्तें में बाउंड्रीवाल होनें से मवेशी भी नहीं जा पाएंगे। चारागाह की भी समस्या होगी। किसानों ने स्पष्ट कहा कि निर्माण से आपत्ति नहीं है। लेकिन रास्ता बंद होनें पर विरोध करेंगे।
