राजनांदगांव। स्कूल-कालेज खोलने की मांग को लेकर सोमवार को छात्र युवा मंच के कार्यकर्ताओं ने दिग्विजय कालेज के सामने हस्ताक्षर अभियान चलाकर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। मंच ने अपने अभियान के अगले चरण में आंदोलन करने की बात कही है।कोरोना संक्रमण के कारण लगभग आठ माह से सभी स्कूल और कालेज बंद पड़े हैं। प्रशासन स्कूलों को खोलने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। छात्र-छात्राएं आफलाइन की पढ़ाई नहीं होने से पढ़ाई से दूर होते जा रहे हैं। कुछ दिन बाद ही सभी विद्यार्थियों की परीक्षा होनी है, ऐसे में वे परीक्षा कैसे दे पाएंगे, यह समझ से परे है । लगातार छात्रों के द्वारा स्कूलों को खोलने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है।बाकी सब खुल चुका हैछात्र युवा मंच का कहना है कि जब सभी जगह सब चीजें खुल गई है तो स्कूल व कालेज को प्रशासन क्यों नहीं खोल रहा है, यह समझ से परे है। जबकि बार, शराब दुकान, सभी बाजार, मंडी माल, जीम, सिनेमा हाल, स्वीमिंग पुल, होटल आदि सभी दुकानें खोल दिए गये हैं। तो क्या यहां कोरोना नहीं फैलेगा, अगर ऐसा है तो सभी चीजों को बंद कर देना चाहिए, फिर हम भी स्कूल व कालेज खोलने की मांग नहीं करेंगे, जबकि हमारे पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्य अपने यहां स्कूल व कालेज खोल दिए फिर हमारे राज्य की सरकार स्कूल व कालेज क्यों नही खोल रहे हैं। जबकि लगातार छात्र युवा मंच के द्वारा स्कूल व कालेज खोलने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं। कुछ दिन पहले कलेक्टोरेट में जमीन पर बैठ कर पढ़ाई कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई थी।
प्रोफेसर नहीं ले रहे आनलाइन कक्षाएं, पढ़ाई हो रही प्रभावितकोरोना संक्रमण के चलते कालेजों में आनलाइन पढ़ाई हो रही है। प्रोफेसरों को आनलाइन कक्षाएं लेने की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन कालेजों के कुछ प्रोफेसर अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहे हैं। प्रोफेसर आनलाइन कक्षाएं नहीं ले रहे हैं। जिसके चलते कालेज छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।कालेज प्रबंधनों द्वारा आनलाइन पढ़ाई के लिए अलग से वाट्सअप में ग्रुप भी बनाई गई है। लेकिन प्रोफेसर क्लास लेने में कोई रूचि नहीं दिखा रहे हैं। एनएसयूआइ ने सोमवार को लीड कालेज दिग्विजय कालेज की प्रभारी प्राचार्य अनिता माहेश्वर को ज्ञापन सौंपकर आनलाइन कक्षाएं नहीं लेने वाले प्रोफेसरों पर कार्रवाई करने की मांग की। हर माह ले रहे पूरा वेतनएनएसयूआइ के जिला उपाध्यक्ष राजा यादव ने बताया कि जब से कोरोना महामारी के कारण महाविद्यालय बंद है, उस समय से आनलाइन कक्षाएं शुरु की गई थी। कुछ प्रोफेसरों के लिए कक्षाएं वरदान साबित हुए हैं जो आनलाइन कक्षाएं लेते ही नहीं है। राजा ने कहा कि प्रोफेसर बाकायदा हर माह शासन से वेतन प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन आनलाइन कक्षाएं लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान जितेंद्र वर्मा, चेतन सिन्हा, अरविंद साहू, संजय बोरकर, मयंक, सतीश व अन्य मौजूद रहे।
