बिलासपुर। हावड़ा-मुंबई मेल स्पेशल ट्रेन गुरुवार को डेढ़ घंटे देरी से बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। दरअसल चक्रधपुर रेल मंडल में मालगाड़ी की चपेट में आने से दो हाथियों की मौत हो गई। घटना के बाद ट्रेनों को नियंत्रित किया गया। मेल भी इसमें शामिल है। ट्रेन को दो अलग-अलग स्टेशनों में नियंत्रित किया गया। इसके चलते ट्रेन सुबह 06:55 की जगह 08:32 बजे बिलासपुर पहुंची। इससे यात्री परेशान हुए। घटना भालुलता व जराइकेला रेलवे स्टेशन के बीच डाउन लाइन की है। बताया जा रहा है यह हाथी प्रभावित क्षेत्र है। इसके चलते आए दिन हाथियों की हलचल रहती है। झुंड में पटरी भी पार करते हुए नजर आते हैं। बुधवार की रात को भी पटरी से हाथी गुजर रहे थे। इसी बीच मालगाड़ी पहुंच गई। रफ्तार में होने के कारण चालक चाहकर भी मालगाड़ी को नियंत्रित नहीं कर पाया। इससे दो हाथी मालगाड़ी की चपेट में आ गए। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने बाद रेलवे व वन विभाग का अमला भी वहां पहुंच गए। भीड़ व स्थिति ट्रेनों के परिचालन योग्य नहीं होने के कारण डाउन के साथ-साथ अप लाइन से गुजरने वाली ट्रेनों को नियंत्रित करने का आदेश दिया गया। उस समय हावड़ा-मुंबई स्पेशल ट्रेन मनोहरपुर पहुंची थी। आदेश मिलते ही ट्रेन स्टेशन पर ही रोक दिया। ट्रेन को करीब 45 मिनट तक रोका गया। इसके बाद जराइकेला स्टेशन तक लाया गया। यहां भी ट्रेन 35 मिनट तक खड़ी रही। बाद में ट्रेन की गति कम कर सेक्शन से आगे बढ़ाने के लिए निर्देश दिए गए। धीरे-धीरे ट्रेन हाथी प्रभावित क्षेत्र से आगे बढ़ी। लेटलतीफी व धीमी रफ्तार की वजह से ट्रेन करीब डेढ़ घंटे विलंब से बिलासपुर पहुंची। इससे सफर करने वाले और जो इस ट्रेन के इंतजार में स्टेशन में थे उन दोनों यात्रियों को परेशानी हुई।
