रायपुर। राजधानी में शनिवार रात फिर दो सगे भाइयों पर चाकू से हमला हुआ है। टिकरापारा पुलिस थाना प्रभारी संजीव मिश्रा ने बताया कि चाकूबाजी की घटना के शिकार गुलशन साहू और नारायण साहू हुए है। दोनों युवक सगे भाई हैं और कल रात हल्का तालाब के पास गए हुए थे। इस दौरान ललित जलक्षत्री नामक बदमाश ने विवाद करते हुए चाकू से हमला कर दिया। इस घटना में एक को जांघ पर और दूसरे को पेट पर चोटें आई हैं।प्राथमिक उपचार के बाद दोनों भाई घर में आराम कर रहे हैं, जबकि आरोपित को पुलिस हिरासत में लिया गया है।
हाल के दिनों में रायपुर में चाकूबाजी की घटनाएं बढ़ी हैं। इसी महीने 16 जनवरी की रात खमतराई थाना के सन्यासी नगर में एक युवक की चाकू मार कर हत्या कर दी गई। इसी रात डीडी नगर इलाके में एक युवक को बेरहमी से चाकू मार कर घायल कर दिया गया। रायपुर शहर में बीते दो महीने दिसंबर और जनवरी में करीब 24 चाकूबाजी के प्रकरण सामने आए हैं। इनमें दो लोगों की जानें गई हैं।
पिछले साल एक दिसंबर को रायपुर के बोरियाखुर्द इलाके में एक नाबालिग की चाकू से गोद कर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का विडियो आरोपी के भाई ने बनाया था, जो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ था। विडियो के वायरल होने के बाद शहर में सनसनी फैल गई थी। हालांकि, आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था और इसके बाद रायपुर पुलिस ने चाकू रखने वालों पर शिकंजा भी कसा था।मगर, पुलिस अभी तक इस पर अंकुश लगाने में पुलिस नाकाम रही है। नतीजा यह रहा कि फिर सरेआम चाकूबाजी की घटनाएं होने लगी हैं। पिछले साल दिसंबर में रायपुर पुलिस इसे रोकने के लिए गंभीर जरुर हुई थी। लेकिन साल गुजरने के बाद पुलिस ने इसे रोकने के लिए जो कदम उठाये थे, वो वहीं थम गए। आंकड़े के लिहाज से 2019 में चाकूबाजी के 310 प्रकरण दर्ज किए गए थे। वहीं, साल 2020 में यह घट कर 241 हो गई, इसका कारण कुछ हद तक कोरोना भी रहा।
रायपुर में लगातार हो रही चाकूबाजी की घटना को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव कहते हैं पिछले एक दो महीने में एक से दो घटनाएं हुई हैं। 23 चाकूबाजी की घटना मेरे जानकारी में नहीं है, आप डिटेल दे दीजिए मैं थानों से जानकारी मांग लेता हूं। दिसंबर में चाकूबाजों पर हुई कार्रवाई के संबंध में अजय यादव ने कहा संख्या नहीं बता पाऊंगा, लेकिन भारी तादाद में हमने मुहिम चलाकर कार्रवाई की है। सएसपी अजय यादव ने लगातार हो रही घटनाओं से इनकार करते हुए कहा कि कोई अगर जान से मारने के उद्देश्य से हमला कर रहा है, तो वह चाकूबाजी की श्रेणी में नहीं आता है। अजय यादव ने डीडी नगर में रविवार को हुई घटना का उदहारण देते हुए बताया कि अगर कोई चाकू मारकर भाग रहा है और वह जख्मी है या यदि कोई हमले में मारा जाता है तो वह चाकूबाजी की घटना में आता है। मेरी जानकारी के अनुसार पिछले महीने और इस महीने में चार से पांच घटनाएं हुई है, हम लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।