केरल सरकार ने लॉकडाउन में से कुछ छूट देने का एलान किया है। इसपर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। गृह मंत्रालय ने कहा कि शहरों में रेस्तरां खोलने, बस यात्रा की अनुमति देने और निगम के इलाकों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) उद्योगों को खोलने की अनुमित देना लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों को हल्का करने के बराबर है। गृह मंत्रालय ने केरल सरकार को लिखे पत्र में कहा कि राज्य सरकार ने 17 अप्रैल को बंद संबंधी उपायों के लिए संशोधित दिशा-निर्देशों को प्रसारित किया जिसमें उन गतिविधियों की इजाजत दी गई जो केंद्र सरकार द्वारा 15 अप्रैल को जारी संगठित संशोधित निर्देशों के तहत प्रतिबंधित है
गृह मंत्रालय ने कहा कि यह गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को हल्का करना और आपदा प्रबंधन कानून के तहत 15 अप्रैल को जारी उसके आदेश का उल्लंघन करना है। गृह मंत्रालय ने अन्य राज्यों से भी कहा है कि लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से खतरे में डाल रहा है। कोविड-19 फैलने का जोखिम भी बढ़ रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा हो रही है।
गृह मंत्रालय ने आगे कहा कि सामाजिक दूरी संबंधी नियमों का उल्लंघन किए जाने के साथ ही शहरी इलाकों में वाहनों की आवाजाही देखने को मिल रही है। इंदौर, मुंबई, पुणे, जयपुर, कोलकाता और पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों में कोविड-19 की स्थिति गंभीर है।गृह मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 स्थिति के आकलन के लिए छह अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम गठित की हैं और राज्यों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। अंतर मंत्रालयी टीमें लॉकडाउन के क्रियान्वयन, अनुपालन और आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति तथा स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करेंगी।केरल सरकार ने जिन अतिरिक्त गतिविधियों को अनुमति दी है उनमें स्थानीय कार्यशालाओं, नाई की दुकानें, रेस्तरां, पुस्तक भंडार, नगर निकाय के तहत आने वाले एमएसएमएई, शहरों और कस्बों में थोड़ी दूरी की बस यात्रा, चार पहिया वाहन की पिछली सीट पर दो यात्रियों और दो पहिया वाहन की पिछली सीट पर बैठकर यात्रा करना शामिल है।
