आगरा– ताज नगरी आगरा में कोरोना वायरस का संक्रमण विकराल रूप लेने लगा है. जिस तरह से जिले में संक्रमण फ़ैल रहा है उससे कम्युनिटी स्प्रेड का खतरा भी उत्पन्न हो रहा है. शहर के फ्रीगंज के चमन लाल बाड़े में सब्जी बेचने वाले में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन व स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. आनन-फानन में प्रशासन ने चमन लाल बाड़ा इलाके को सील करते हुए करीब 2000 लोगों को होम क्वारंटाइन कर दिया है.
बताया जा रहा है कि संक्रमित मरीज ऑटो चलाता था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से वह सब्जी बेचने लगा था. बीमार पड़ने पर जब उसका कोरोना चेकअप हुआ तो वह पॉजिटिव पाया गया. अब जिला प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसके संपर्क में आए लोगों को ट्रेस करने की है. फिलहाल इलाके के 2000 लोगों को एहतियातन क्वारंटाइन कर दिया गया है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह संक्रमित कैसे हुआ. सवाल यह भी है कि अगर वह ऑटो चलाने के दौरान संक्रमित हुआ तो वह सवारी कौन थी? उसे खोजना भी एक चुनौती है. साथ ही वह किन-किन लोगों के सम्पर्क में आया इस पर भी जिला प्रशासन को माथापच्ची करनी होगीआगरा उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा कोरोना हॉटस्पॉट के रूप में उभरकर सामने आया है. शनिवार को संक्रमण के 45 नए मामले आने के साथ जिले में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 241 हो गई है. ताज नगरी में मिले नए मरीज कोरोना मरीजों के संपर्क में आए थे. वहीं, आगरा में कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक 5 लोगों की मौत हुई है. डॉक्टर्स कहते हैं हालात कम्यूनिटी संक्रमण जैसे हो सकते हैं. आपको बता दें कि आगरा में सबसे पहले शू कारोबारी का परिवार संक्रमित हुआ था. इसके बाद धीरे-धीरे कोरोना पाजिटिव की संख्या बढ़ रही थी. अचानक जमातियों ने शहर को डरा दिया, जबकि अब तक 78 जमाती कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं. इसके अलावा सार्थक हॉस्पिटल, एसआर हॉस्पिटल और फिर पारस हास्पिटल ने हालात बिगाड़ दिए. पारस में अब तक 70 से ज़्यादा कोरोना पाजिटिव मिले हैं और जो 45 की नई लिस्ट आयी है उसमें भी पारस के 21 कोरोना मरीज़ शामिल हैं.
