राजनांदगांव जिले के गंडई मे त्योहारी सिजन मे प्याज आम लोगों को रुला रहा है लोग प्याज को 80 से 100 रुपये किलो मे खदीरने मजबूर हो रहे है जिससे गृहणीयो के रसोई का जायका बिगडा हुआ है । कहते है कि प्याज को काटने से आखो मे आसू आता है लेकिन अभी दीपावली त्योहारी सीजन मे प्याज के बढे दाम आम लोगो को रुला रही है लोग 80 से 100 रुपये किलो की दर से प्याज खरीदने मे मजबूर हो रहे है वही दूसरी ओर सरकार प्याज के बढते दाम पर नियंत्रण लगाने मे नाकाम नजर आ रही है । राजनांदगांव जिले के गंडई मे प्याज के दाम में भी उछाल आ चुका है। एक माह से अधिक समय से प्याज की बढ़ी हुई कीमत से एक ओर जहां रसोई घर का बजट बिगाड़ रखा है वहीं आम लोगों की आंखों में आंसू भी ला दिया है। प्याज के दाम कम होने का नाम ही नहीं ले रहा, जबकि भाव और भी बढ़ता ही जा रहा है।
व्यापारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से बाजार में प्याज की पर्याप्त आवक नहीं हो रही है। जिले के बाजार में ज्यादातर प्याज रायपुर, राजनांदगांव व नासिक की मंडी से आता है। फिलहाल मांग के अनुरूप आवक नहीं होने के कारण इसकी कीमतों में एक बार फिर तेजी की स्थिति बनी हुई है। वर्तमान में प्याज थोक में 70 से 75 प्रति किलो की दर से मिल रहा है यही कारण है कि उपभोक्ताओं को चिल्लर में 80से 100 प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है। ऐसे में लोग एक पाव या आधा किलो प्याज की खरीदी कर रहे है बढती प्याज की कीमतो को कोरोना संक्रमण के बीच हुए लांक डाउन को माना जा रहा है वही
प्याज की जमाखोरी और नया प्याज का लोकल बाडी से न आना भी प्याज की बढती कीमतो एक कारण भी माना गया है गंडई थोक मंडी के उपाध्यक्ष विवेक तिवारी ने बताया है कि लाक डाउन और बे मौसम बारिशा के चलते प्याज मे भाव मे उछाल आया है
बहरहाल इस साल बेमौसम बारिश के चलते प्याज की फसल खराब हो गई है जिसके चलते लोकल बाडी से नया प्याज नही आ रहा है ।वही प्याज उत्पादक राज्यो से कम सप्लाई होने के चलते प्याज की कीमत मे तेजी बनी हुई है ।
