एक संदेश अभिषेक का बिना किसी राजनीतिक उद्देध्य से जनहित में-
सभी बड़े बुज़ुर्गों , माताओं को प्रणाम
सभी साथियों एवं मित्रों को नमस्कार
अनुज भाइयों एवं बहनों को ढेर सारा प्यार..
मैं हर अस्पताल (सरकारी या निज़ी),डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ़, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, अधिकारी, अनेक समाज सेवी संगठन, जनप्रतिनिधि, हर राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता एवं अनंत ऐसे साथी जो व्यक्तिगत स्तर पर अपनी सेवा दे रहीं हैं उन्हें अपनी ओर से शत शत प्रणाम करता हूँ।
पिछले कुछ दिनों में कोरोना वाइरस ने हमारे राज्य को, स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। मैंने विशेषकर राजनांदगाँव एवं कवर्धा के कई कोरोना पॉज़िटिव साथियों या उनके परिजनों से लगातार बातचीत करते हुए उनकी हर संभव मदद करने की कोशिश की है।
लेकिन पिछले कुछ हफ़्तों के अनुभव से मैंने ये महसूस किया है कि कोरोना की बढ़ती रफ़्तार हमारे प्रदेश के लिए एक ऐसी चुनौती बनती जा रही है जिससे पार पाने के लिए आवश्यक है की हम कुछ महत्वपूर्ण बातों को स्वयं समझे एवं अपने प्रियाजनों को समझाने में योगदान दें।
एक तरफ़ जहां हमारे डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मचारी ओवरटाइम डयूटी कर मरीज़ों की बढ़ती संख्या और सीमित स्वास्थ्य संसाधनों की चुनौती से जूझ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ़ बड़ी संख्या में सड़कों पर, चौराहों पर, शहरों या गाँवों में लोग बिना मास्क, बिना सोशल डिस्टन्सिंग के घूमते देखे जा सकते हैं जो बेहद ख़तरनाक एवं ग़ैरज़िम्मेदाराना है।
कई लोग अपनी सर्दी, बुखार के बावजूद भी, कोरोना टेस्ट नहीं करा रहे हैं। तमाम जानकारी के बावजूद अपने मित्रों से मिल रहें हैं, घूम रहें हैं, ग़ैर-ज़रूरी काम पर जा रहें हैं।
लेकिन ये स्पष्ट हैं की ऐसे ही ग़ैर जिम्मेदारीपूर्ण रवैए की वजह से कोरोना संक्रमण और भी तेज़ी से फैल रहा है।
ये अब हमें तय करना है की क्या हम अपनी असावधानी से अपने परिवार के सदस्यों को एक ऐसी बीमारी के हवाले करेंगे जिसका वर्तमान में कोई इलाज नहीं, वो भी एक ऐसे समय पर जब ना दवाइयाँ उपलब्ध हैं, ना डॉक्टर ना अस्पताल में पर्याप्त बेड या वेंटिलेटर।
ऐसे समय में मन में ये प्रश्न उठता है कि मैं और क्या कर सकता हूँ, क्या सार्थक/सकारात्मक क़दम उठा सकता हूँ? इसी प्रश्न के समाधान को खोजते हुए मुझे विभिन्न चिकित्सकों,कई मरीजों एवं स्वयं के परिवार में कोरोना संक्रमित हुए परिजनों के अनुभव को आधार बनाकर आपके सामने अपने विचार रखने को प्रेरित किया।
निष्कर्ष के रूप में निकले विचारों को मैंने तीन आयामों में रखा है-:
- समाधान क्या है
- मैं स्वयं क्या कर सकता हूँ
- हम और आप (समाज) मिलकर क्या कर सकते हैं
समाधान
- सुरक्षित वैक्सीन की उपलब्धता होने तक इस समस्या का एकमात्र समाधान कोरोना के संक्रमण से स्वयं को सुरक्षित रखना एवं कोरोना संक्रमण के विस्तार को रोकना ही है।
मेरी भूमिका
- हर व्यक्ति कोरोना संक्रमण के विस्तार को रोकने के लिए स्वयं एवं अपने परिवार, मित्रों के आचरण एवं आदतों में मास्क, सोशल डिस्टन्सिंग एवं साबुन से हाथ धोने जैसे नियमों का कड़ाई से पालन करे एवं दूसरों को भी जागरूक एवं प्रेरित करे। ये नियम ही हमारे एवं हमारे परिवार के लिए सुरक्षा-कवच हैं, एवं इस महामारी से जीतने का सबसे सस्ता एवं प्रभावी उपाय है।
हमारी (आपकी और मेरी सामूहिक भूमिका)
- कोरोना से सम्बंधित सही एवं उपयोगी जानकारीयों का संग्रह एवं ज़रूरतमंद लोगों तक पहुँचाने में योगदान हो। कोरोना टेस्टिंग, होम आयसोलेशन, दवाइयाँ आदि जैसे विषयों की जानकारी की सहज उपलब्धता। इस विषय पर राजनांदगाँव एवं कबीरधाम के मित्रों, पार्टी कार्यकर्ताओं एवं समाज सेवी संस्थाओं के साथ मिलकर सोशल मीडिया के माध्यम से समय-समय पर उपयोगी जानकरियाँ एवं व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएँगी।
- सरकार द्वारा की जा रही व्यवस्था के विस्तार में सहयोग। इस दिशा में अनेक सामाजिक संस्थाएँ स्वयं आगे बढ़कर सराहनीय कार्य कर रहीं हैं । राजनांदगाँव में उदयाचल, शांति विजय सेवा समिति, सिक्ख समाज, युगांतर ग्रूप, हनुमान भक्त समिति डोंगरगढ़, एवं कबीरधाम में माँ भारती राष्ट्र जागरण मंच, जप तप सेवा समिति, आदर्श पोहा समिति, हेल्पिंग हैंड्ज़ पंडरिया आदि। इन सबसे प्रेरणा लेकर ऐसे कार्यों को और गति देने का कार्य, अन्य प्रमुख शहरी एवं ग्राम केंद्रों में उचित व्यवस्था स्थापित करने का प्रयास जारी है।
- सरकार (राज्य या केंद्र) द्वारा हो रही व्यवस्था के क्रियान्वयन में कमियों को सामने लाना ताकि उनका त्वरित समाधान हो सके। इसका उद्देश्य सिर्फ़ व्यवस्था की कमी खोजना नहीं बल्कि व्यवस्था को सुधारने में अपना योगदान देना है। प्रदेश की मीडिया की भूमिका इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण साबित होगी, साथ ही सोशल मीडिया भी एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बीते दिनों राजनांदगाँव में REMDESIVIR एवं अन्य आवश्यक दवाइयों की कमी को दूर करने से लेकर, सोमनी तथा अन्य कोविड केंद्र में भोजन की ख़राब व्यवस्था जैसी स्थितियों को लेकर ज़िला कलेक्टर एवं स्वास्थ्य विभाग से बातचीत कर हल निकालने का प्रयास हुआ। ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
मुझे विश्वास है कि हमारे प्रदेश का हर ज़िम्मेदार नागरिक कोरोना के इस संकट काल में कोरोना वॉरीअर बनकर उभरेगा एवं हम सबका संयुक्त प्रयास इस संक्रमण को और फैलने से रोकने में सफल होगा।
आप सभी साथियों के विचारों और सुझावों की अपेक्षा है ताकि हम सब मिलकर अपने राज्य की परिस्थिति को बेहतर बनाने में कुछ सहयोग दे सकें।
आपका अपना
अभिषेक
