0 देश का संविधान नहीं, भ्रष्टाचारी खतरे में – विधि प्रकोष्ठ
राजनांदगाँव। भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन गत दिवस पार्टी के प्रदेश कार्यालय कुषाभाऊ ठाकरे परिसर में सम्पन्न हुआ। जिसमे प्रदेश के सभी 33 जिलों के अधिवक्ता प्रतिनिधि उपस्थित हुए। अधिवेशन को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सहसंघठन मंत्री शिवप्रकाश सिंह ने कहा की वस्तुतः देश का संविधान मोदी जी के नेतृत्व में पूर्णतः सुरक्षित हैं, देश संविधान व कानून के आधार पर ही चल रहा हैं। देश में यदि किसी को खतरा हैं तो वह भ्रष्टाचार करने वाली पार्टियों को हैं। जैसे प्रभु श्रीराम के श्रीलंका की ओर एक-एक कदम बढ़ने से रावण चिंतित होता था, भगवान कृष्ण के जीवित रहने की खबर सुनकर जैसे कंस रोज चिंतित होता था, वैसे ही भ्रष्टाचारी आज मोदी को देख कर चिंतित होते हैं, कि ना जाने उनका भ्रष्टाचार कब पकड़ा जाए और ना जाने कब उन्हे जेल की हवा खानी पड़े। बस यही भ्रष्टाचारी लोग देश के संविधान के खतरे का प्रलाप कर रहें हैं। अब भारत पर आतंकवादी हमला करने वालें दुनिया में कहीं भी सुरक्षित नहीं रह सकते, यह नया भारत हैं जो आतंकियों व देश विरोधियों को उनके घर मे घूस कर मारता हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में गरीबों, किसानों, युवाओं व महिलाओं के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाए बनाई गई हैं, जिनका सीधा लाभ उन्हे मिल रहा हैं। एयरपोर्ट, रेलवे व सड़क जैसे आधारभूत संरचना क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुआ हैं।
भाजपा मीडिया सेल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस सम्मेलन में जिले से भाग लेने के लिए अधिवक्ताओं का एक बड़ा जत्था विधि प्रकोष्ठ के संयोजक विकास तिवारी के नेतृत्व में शामिल हुआ। जिसमें प्रमुख रूप से विष्णुप्रसाद साव, बलराज तिवारी, सुखलाल धारगवे, महेश शर्मा, जी डी वैष्णव, राजेश खांडेकर, रामचन्द्र देवांगन, संतोष रजक, अशोक रजक, भुवन सिन्हा, टुमन यादव, सतीश पांडे सहित दर्जनों अधिवक्ता शामिल हुए। सम्मेलन में प्रदेश की सभी 11 लोकसभा सीटों में विजय प्राप्त करने के लिए विधि प्रकोष्ठ ने अपनी पूरी ताकत लगाने का निर्णय लिया। इसके तहत विधि प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता बुद्धिजीवी वर्ग के बीच जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों पर चर्चा करेंगे तथा इस हेतु जगह-जगह बैठके लेकर जनसम्पर्क अभियान चलाएंगे। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय प्रशिक्षकों द्वारा अधिवक्ताओं को निर्वाचन संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश देकर प्रमुख रूप से आदर्श आचार संहिता के लिए सजग रहने का प्रशिक्षण दिया गया।





