अटल यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस विभाग ने छत्तीसगढ़ एआई की योजना शुरू की है। इससे छात्रों को प्रशिक्षित किया गया है। इसके माध्यम से वे बिजली की बचत, सुरक्षा के इंतजाम सहित समाज की अन्य समस्याओं के समाधान पर कार्य कर रहे हैं। दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की चर्चा हो रही है। इसकी जरूरत को देखते हुए अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस विभाग ने छत्तीसगढ़ एआई की योजना शुरू की है।
कंप्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एचएस होता ने बताया कि बजट में सरकार ने भी एआई के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से यूनिवर्सिटी में वर्कशॉप, सेमिनार, कांफ्रेस हो रहे हैं। साथ ही इनोवेशन और स्टार्टअप के प्रोग्राम भी किए जा रहे हैं। साथ ही छात्रों को सीजी एआई के माध्यम से नई तकनीकी के बारे में बताया गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सिलेबस के अनुसार इस नई तकनीकी में इंटर्नशिप भी कराया जा रहा है। छात्र, शिक्षक, कर्मचारी को एआई के बोर में प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही रिसर्च भी इस क्षेत्र में हो पाएगा।
डॉ. होता ने बताया कि अन्य राज्यों में एआई के कार्य शुरू हो गए हैं। अटल यूनिवर्सिटी में भी एआई कार्य कर रहा है। इसको और भी अच्छा बनाने यूनिवर्सिटी ने राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव में 1 करोड़ रुपए की मांग की गई है।





