देश में तेजी से पांव पसारते कोरोना वायरस पर नियंत्रण के लिए काम भी तेजी से हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लाल किले की प्राचीर से स्थिति साफ करते हुए कहा था कि देश में तीन-तीन वैक्सीन पर काम हो रहा है। वहीं, इसे लेकर मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने देश में कोरोना वैक्सीन की स्थिति को लेकर जानकारियां दीं।
एक स्वदेशी वैक्सीन का तीसरा चरण शुरू
डॉक्टर पॉल ने कहा कि देश में कोरोना की तीन वैक्सीन पर काम हो रहा है, जो अलग-अलग चरणों में हैं। इसमें से एक वैक्सीन बुधवार को ट्रायल के तीसरे चरण में पहुंच जाएगी, जबकि अभी अन्य दो वैक्सीन पहले और दूसरे चरण में हैं। हालांकि उन्होंने इसका नाम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। वैक्सीन की सप्लाई चेन भी शुरू होगी। हालांकि यह नहीं बताया गया कि वैक्सीन कब तक बनकर तैयारी होगी। वैक्सीन की सफलता को लेकर भी कोई निश्चित दावा नहीं किया गया है।
कोरोना की जांच में आई तेजी
राजेश भूषण ने कहा कि ‘जुलाई महीने के पहले सप्ताह में लगभग दो लाख 30 हजार औसत परीक्षण देशभर में होते थे। अब ये संख्या बढ़कर आठ लाख आठ हजार औसत परीक्षण प्रति सप्ताह हो गई है। देश में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से मृत्यु दर भी दो फीसदी से नीचे गिरकर 1.92 फीसदी पर आ गई है। साप्ताहिक औसत मृत्यु दर 1.94 फीसदी हो गई है।’
बीमारी का एक नया आयाम सामने आ रहा है
नीति आयोग के सदस्य डॉ. पाल ने कहा कि ‘बीमारी का एक नया आयाम सामने आ रहा है। वैज्ञानिक और चिकित्सकीय समुदाय इस पर नजर रखे हुए हैं। हमें इस बारे में जागरूक होना होगा कि इसका बाद में भी कुछ प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन अभी के हिसाब के दूरगामी परिणाम या प्रभाव खतरनाक नहीं हैं। ‘
कुछ मरीजों में संक्रमण के बाद के लक्षण दिखने के मामलों को लेकर उन्होंने कहा, ‘जैसा कि हम इसे समझ पाए हैं, हम इलाज के उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करेंगे। इसके बारे में अभी सीखा जा रहा है और अध्ययन किया जा रहा है। चिकित्सकीय समुदाय इस पर प्रतिक्रिया दे रहा है।’
कोरोना से होने वाली मौत के मामलों में गिरावट
राजेश भूषण ने कहा कि ‘कोविड-19 के प्रतिदिन नए मामलों और बीमारी के कारण होने वाली मौत के मामलों में 13 अगस्त से गिरावट देखी गई है। हालांकि, मंत्रालय ने कोई ढिलाई बरते जाने को लेकर चेतावनी दी और कहा कि पांच दिन की गिरावट महामारी के संदर्भ में एक छोटी अवधि है।’
