रायपुर -सावन बीतने के बाद भादों में बारिश की झड़ी लगी हुई है। छत्तीसगढ़ में सूखे से परेशान किसानों के चेहरे खिल गए हैं। हालांकि बीजापुर, कोंडागांव और सूरजपुर में हुई बारिश ने परेशानी भी खड़ी कर दी है। बीजापुर में तो कई गांव तालाब बन गए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं। कई गांवों को सड़कों से संपर्क कट गया है। नैमेड तालाब फूटने से जाम रहा राष्ट्रीय राजमार्ग 6 घंटे बाद बहाल किया जा सका है।

बीजापुर में लगातार सात दिनों से हो रही बारिश ने किसानों को राहत दी है। बरसात से जहां किसान अपने खेतों पर रोपा लगाने लगे है। वहीं ग्रामीण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। नदी नाले उफान पर होने के कारण गांव के ग्रामीण जिला मुख्यालय से कट चुके हैं। सड़कों पर पानी भरा हुआ है। गांव में कई घर पानी की चपेट में हैं।
मिनगाचल नदी में आई बाढ़ के चलते कोड़ेपाल में एक मकान के छत पर चार ग्रामीण फंस गए हैं। मौके पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम उनको रेस्क्यू करने का प्रयास कर रही है। नैमेड के भी एक मोहल्ले में बाढ़ की चपेट में आकर 10 ग्रामीण फंसे हुए हैं। ग्राम तुमला में 15 से अधिक घर बाढ़ के कारण गिर चुके हैं। लोग सामान बच्चों सहित ऊंची जगह पर जा रहे हैं। पूरा गांव बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है।

ग्राम मांझीगुड़ा का पुल टूट के बह गया है। जिले में भारी बरसात के चलते मोदक पाल नदी उफान पर है। कई जगह पेड़ गिरने से भोपालपट्नम रोड जाम हो गई है। बारिश के चलते ग्राम पंचायत गुदमा आश्रित ग्राम तुमला सुखराम कुरसम, बुधरू कुरसम ,अनिल कोरसा के पंचायत भवन गिर चुके हैं। अभी कई और जगह ऐसा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।
