राजनांदगांव शहर के ठेका वार्डों में सफाई व्यवस्था लचर है। इसकी शिकायत लगातार रही है। एक दिन पहले ही आयुक्त अभिषेक गुप्ता ने निरीक्षण किया, जिसमें फिर ठेका समूह को नोटिस जारी किया। लेकिन इसके बाद आगे की कार्रवाई नहीं हो रही है।
सालभर में निगम की ओर से ठेका समूहों को सिर्फ नोटिस ही जारी होते रहे। इसके बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। लेकिन इन समूहों पर कार्रवाई की बजाए निगम प्रशासन चुप्पी साध रहा है। इसके चलते मनमानी बढ़ती जा रही है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बता दें कि शहर के 24 वार्डों में ठेका पद्धति से सफाई की जा रही है।
जिसके पीछे निगम प्रतिमाह औसत 30 लाख रुपए खर्च कर रहा है। इसके बाद भी सबसे अधिक शिकायत इन्हीं वार्डों में बनी हुई है। लेकिन सख्त कार्रवाई की बजाए सिर्फ नोटिस देकर खानापूर्ति की जा रही है। इसका असर शहर की स्वच्छता रैंकिंग पर भी पड़ा है। बीते साल की रैंकिंग में बड़ी गिरावट हुई थी। इस साल भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।







