बालोद विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद जनता से लेकर विभागीय अफसर अब नई सरकार के गठन का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि एक सप्ताह के अंदर सीएम से लेकर अन्य विभागों के मंत्री तय हो जाएंगे फिर शपथ लेंगे। जिसके बाद पहले से स्वीकृत कौन से काम कराने हैं और कौन से निरस्त करने हैं, इस पर निर्णय लिया जाएगा। 2018 में जब राज्य में सत्ता बदली थी तब नई सरकार ने पुराने काम को निरस्त करने आदेश दिया था। लेकिन इस बार सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार क्या निर्णय लेगी इस पर संशय की स्थिति है।
जिन विकास कार्यों को लेकर अब तक प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिल पाई है, उसे निरस्त किया जाएगा या नए सिरे से संबंधित विभाग से फाइल मंगाकर स्वीकृति दी जाएगी। इस संबंध में विभागीय अफसर रायपुर पहुंचकर उच्च अफसरों से मार्गदर्शन लेंगे। बहरहाल जिलेवासियों से जुड़े कई विकास कार्य मझधार में हैं। संबंधित विभाग के अफसर अभी असमंजस में हैं। अफसर दबी जुबान से कह रहे हैं कि कई काम शुरू कराने आचार संहिता लगने के पहले ही राशि स्वीकृति के लिए फाइल वित्त मंत्रालय में भेजी गई थी। जो अब तक अटकी है, जब स्वीकृति मिलेगी तभी काम शुरू हो पाएगा।
स्वास्थ्य: जिले के सबसे बड़े नगर पालिका दल्लीराजहरा में 100 बिस्तर अस्पताल, लाटाबोड़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिकोसा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित करने विभागीय प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन अब सत्ता बदलने से असर पड़ सकता है। दल्ली में अस्पताल के लिए जमीन भी चिह्नांकित हो चुकी है।
सीएमएचओ डॉ. जेएल उइके, बीएमओ डॉ. विजय ठाकुर ने बताया कि दल्ली में 100 बिस्तर अस्पताल के लिए सेटअप स्वीकृत हो चुका है। लेकिन अभी काम शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में अब उच्च अफसरों से मार्गदर्शन लेंगे।
सेतु विभाग के एसडीओ टीएन संतोष ने बताया कि सोमवार को रायपुर जाकर विकास कार्यों के संबंध में उच्च अफसरों से चर्चा करूंगा। स्वीकृति कार्य को कराने में कोई दिक्कत नहीं होगा। जिस काम को कराने राशि स्वीकृत नहीं हो पाई है, इसके लिए मार्गदर्शन लेंगे।
शिक्षा: जिले का पहला प्रयास आवासीय विद्यालय जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पिनकापार में खुलना प्रस्तावित है। इसके लिए 8 एकड़ जमीन चिह्नांकित हो चुकी है। कांग्रेस शासनकाल में इसे बजट में भी शामिल कर लिया गया है। लेकिन प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो पाया है।
सुविधा व सौंदर्यीकरण: एक करोड़ की लागत से दल्ली चौक बालोद से पाररास तक मार्ग का सौंदर्यीकरण किया जाएगा लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। ईरागुड़ा-खेरूद, बोरी सेमरिया नाला, चिपरा-किल्लेकोड़ा के अलावा सांकरी-कमरौद, देवरी-तिलखैरी के बीच पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
डीईओ मुकुल केपी साव ने बताया कि प्रयास आवासीय विद्यालय आदिवासी क्षेत्र के बच्चों के हित के लिए संचालित होती है। सत्ता बदलने पर कोई रोड़ा नहीं आएगा, ऐसा अनुमान है। अब केंद्रीय विद्यालय, जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान जल्द खुलने की उम्मीद है।
