रायपुर कहानी सच्ची होने के कारण नाम,पता गोपनीय रखा गया है। सीएमएचओ डॉ एफ आर निराला ने इस कहानी को शेयर किया है।
एक दिन शाम करीब 4 बजे का समय था डॉक्टर अपने कक्ष में बैठा था ओपीडी का समय नही था हलचल कम थी मैं अपने ऑफिस कार्य निपटाते अकेले बैठा था तभी। दरवाजे को थोड़ा खोलते हुए खटखटाती है
डॉक्टर-देखते हुए एक महिला कक्ष में प्रवेश करने की अनुमति मांगती है
डॉक्टर-महिला को आने का इशारा करते है
महिला- प्रवेश करती है साथ में उसके साथ एक लड़की भी प्रवेश करती है
