राजनांदगांव सत्ता परिवर्तन के बाद संस्कारधानी राजनांगांव के निगम की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने की संभावना है। विपक्षी दल भाजपा ने चुनाव आचार संहिता लगने के पहले ही कांग्रेसी महापौर हेमा देशमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कलक्टर को ज्ञापन सौंप चुके थे। चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में आने के बाद भाजपा के पार्षद उत्साह में हैं और अब नई सहिबो, बदल के रहिबो के नारे के साथ एक बार फिर महापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के मामले को सामने ला रहे हैं। प्रदेश में कांग्रेस के सत्ता में आने के पहले महापौर का चुनाव सीधे मुकावले में हो रहे थे। कांग्रेस सत्ता में आई और पार्षदों की संख्या के बल पर महापौर का चुनाव करने का नियम बनाया।
51 वार्ड वाले नगर निगम की सत्ता के चुनाव में 21 वार्डों पर भाजपा और 22 पर कांग्रेस एवं 8 वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। इस दौरान प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और निर्दलीय जीत कर आए पार्षदों ने कांग्रेस को समर्थन दिया और कांग्रेस की हेमा देशमुख महापौर बनीं। इसके बाद भाजपा के पार्षद अजय छेदैय्या ने कांग्रेस प्रवेश कर लिया। अब स्थिति यह है कि 51 वार्डों वाले निगम में निर्दलियों के पहले दौर में समर्थन के आधार पर कांग्रेस 31 व भाजपा 19 पर है। सत्ता परिवर्तन के बाद निर्दलियों के भाजपा के पक्ष में आने की संभावना के चलते भाजपा निगम की सत्ता में काबिज होने की तैयारी में है।
