दुर्ग, दिनांक 30.10.2023 को भारती विश्वविद्यालय एवं भारती आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, दुर्ग के संयुक्त तत्वाधान में पुलगांव, दुर्ग में एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं युवोदय अभियान का आयोजन सामुदायिक भवन, बजरंग चौंक में किया गया। दुर्ग के दूत ‘‘युवोदय’’ अभियान जिला प्रशासन द्वारा युवाओं की सक्रिय भागीदारी से समाज कल्याण के उद्देश्य से प्रारंीा किया गया है चुंकि भारत के छत्तीसगढ़ राज्य का दुर्ग जिला कुपोषण और एनीमिया की एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। अधिकांश घरों में बेहतर स्वच्छता सुविधाओं और आयोडीन युक्त नमक के व्यापक उपयोग के बावजूद, महिलाओं और बच्चों में एनीमिया का प्रभाव अधिक देखा गया है। आंकड़ों से पता चलता है कि एनीमिया जिले के विभिन्न वर्गों को प्रभावित कर रहा है, जिसमें 15-19 वर्ष की आयु की 61.8 प्रतिशत महिलाएं, 6-59 महीने की आयु के 57.1 प्रतिशत बच्चे, 15-49 वर्ष की आयु की 52 प्रतिशत गैर-गर्भवती महिलाएं, 41.2 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। ये संख्याएँ रक्त में अपर्याप्त लोहा (एनिमीयां) स्तर की गंभीर समस्या का संकेत देती हैं, जिससे थकान, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएँ होती हैं।
शिविर में जुनियर डाक्टर्स, स्वयंसेवकों द्वारा युवादूतों द्वारा वार्ड में सर्वेक्षण कर परामर्श दिया गया तथा चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. अमिय भोसले, डॉ. वसुधा शर्मा द्वारा वार्डवासियों की विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार किया गया। समाज कल्याण के उद्देश्य से वार्ड के गंभीर समस्याग्रस्त रोगियों हेतु भारती चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, दुर्ग में उपचार की विशेष रियायती दरों पर व्यवस्था की गई है। शिविर से बड़ी संख्या में वार्डवासी लाभान्वित हुए। आयोजन में वार्ड पार्षद श्रीमती हेमेश्वरी निषाद तथा डॉ. रोहित कुमार वर्मा का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। शिविर का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. स्नेह कुमार मेश्राम द्वारा विश्वविद्यालय के संयुक्त संचालक श्री जय चंद्राकर के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
