बिलिंग से सोमवार को उड़ान भरने वाले पोलैंड के लापता पैराग्लाइडर पायलट कुलविक तक पांच दिन के बाद भी बचाव दल नहीं पहुंच सका है। शुक्रवार को पायलट की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम पहुंची थी, लेकिन इन परिस्थितियों में एनडीआरएफ की टीम भी नाकामयाब रही है।उल्लेखनीय है कि 70 वर्षीय पायलट की तलाश के लिए मंगलवार और बुधवार को हेलीकाप्टर का सहारा लिया गया था और धर्मशाला के खनियारा के पीछे पहाड़ियों में लापता पायलट का पैराग्लाइडर देखा गया था।
इस स्थान पर बर्फ जमी हुई है और माइनस डिग्री तापमान है। ऐसी परिस्थितियों में सामान्य हेलिकाप्टर से पायलट को ऊपर नहीं लाया जा सका है। घटनास्थल को लेकर सामने आई तस्वीर के अनुसार पायलट का पैराग्लाइडर ऊपर से दिख रहा है, जबकि पायलट के बर्फ में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। अब प्रशासन ने सेना के हेलिकाप्टर की मदद के लिए आग्रह किया था। शनिवार को सेना के विशेष हेलिकाप्टर से पायलट को बाहर निकालने का प्रयास किया जाएगा। बताया जा रहा है कि भारतीय सेना का यह विशेष हेलिकाप्टर योल आ गया है और शनिवार को पायलट को बाहर निकलने का प्रयास किया जाएगा।
उधर, शुक्रवार को बिलिंग से फ्री फ्लायर के तौर पर उड़ान भरने वाला पोलैंड का एक अन्य पायलट कंडबाड़ी की पहाड़ियों में लैंड कर गया है। पायलट को लाने के लिए बीड़ से बचाव दल रवाना किया गया है और शनिवार को ही इस पायलट के बीड़ पहुंचने की उम्मीद है। बचाव दल के अनुसार पायलट की लोकेशन का पता चल गया है और पायलट को शनिवार को वापस लाया जा सकेगा। एसडीएम देवी चंद ठाकुर ने बताया कि पोलैंड के 70 वर्षीय पायलट को बाहर निकालने के लिए शनिवार को सेना के विशेष हेलिकाप्टर की मदद ली जाएगी।
