गोधन न्याय योजना पशुपालकों के लिए वरदान
हितग्राहीमूलक सामग्रियों का किया गया वितरण
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना के प्रारंभ होने से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्रामीणों में गोबर विक्रय को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। इस योजना के माध्यम से स्थानीय स्व-सहायता समूहों को रोजगार का अवसर मिला है। राज्य शासन की गोधन न्याय योजना से गोबर ग्रामीणों को हर तरह से लाभ पहुंचाने वाला सामग्री बन गया है। गोबर से बने कम्पोस्ट खाद से रासायनिक खादों के ऊपर निर्भरता कम होने और जैविक खाद के उपयोग से फसलों और जमीन की गुणवत्ता में सुधार की संभावना से भी किसान उत्साहित हैं।
कलेक्टर डोमन सिंह के मार्गदर्शन में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के विभिन्न ग्रामों में गोधन न्याय योजना के शुभारंभ का सिलसिला निरंतर जारी है। इसी क्रम में विगत दिवस शिविरों का आयोजन कर जिले के विभिन्न ग्रामों अड़भार, आमाडांड़, पड़वनिया, देवरगांव, निमधा और सेमरदर्री में गोधन न्याय योजना की शुरूवात की गई। इस अवसर पर हितग्राहियों को विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहीमूलक सामग्रियों का वितरण भी किया गया। साथ ही गौठानों में ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों से 2 रूपये प्रति किलो की दर से गोबर क्रय किया गया। शिविरों में ग्रामीणों को गोधन न्याय योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि गोधन न्याय योजना से गांवों की अर्थव्यवस्था सुधरेगी। साथ ही उन्हें गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे जिससे ग्रामीण आत्मनिर्भर हो सकेंगें। मवेशियों का गोबर आय का जरिया बन जाने से पशुपालकों सहित ग्रामीणजन हर्षित नजर आ रहें है। ग्राम पंचायत निमधा में आयोजित शिविर में 4 क्विंटल गोबर क्रय किया गया। पशुधन विकास विभाग द्वारा 100 किलो मक्का वितरण किया गया। आयुष विभाग द्वारा 50 लोगों को काढ़ा, समाज कल्याण विभाग द्वारा 2 बैसाखी 3 श्रवणयंत्र, उद्यान विभाग द्वारा 16 पौधों का वितरण किया गया। ग्राम सेमरदर्री में कृषि विभाग द्वारा 10 पैकेट रागी बीज, उद्यान विभाग द्वारा 100 नग पौधवितरण, पशुधन विकास विभाग द्वारा 6-6 पैकेट मक्का और बाजरा वितरण, ग्राम अड़भार में कृषि विभाग द्वारा 2 नग स्प्रेयर, पशुपालन विभाग द्वारा 25 पैकेट बाजरा, समाज कल्याण विभाग द्वारा 2 नग व्हील चेयर और 2 नग श्रवण यंत्र का वितरण किया गया।
