कानपुर के भीतरगांव में शारदीय देवी नवरात्रि के एक दिन पहले ममता शर्मसार हो गई। जिस मां ने नौ महीने गर्भ में रखा…वह न जाने क्यों निर्दयी हो गई। नवजात ने दुनिया में आकर आंखें खोलीं, तो मां ने उसे जंगल में फेंक दिया। सुनसान में कोई जानवर उस मासूम को निवाला बनाता।
इससे पहले ही पुलिस वाले बच्ची को जीवनदान देने पहुंच गए। पुलिस ने बच्ची को सीने से लगाया और आनन फानन भीतरगांव्र सीएचसी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में बच्ची की हालत स्थिर बनी हुई है। मामला कानपुर जिले के भीतरगांव इलाके का है।
शुक्रवार देर रात करीब सवा दस बजे साढ़ थाना के पडरी गांव निवासी किसान घर से खाना खाकर रोज की तरह खेतों की रखवाली के लिए गया था। गांव से तकरीबन आधा किमी दूर जंगल में किसी नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दे रही थी।
डायल 112 पर पुलिस को सूचना
उसने पास जाकर देखा, तो नवजात बच्ची रो रही थी। बच्ची के शरीर में ब्लड, झाड़ियों के कांटे और नाभि से नारा जुड़ा था। किसान ने तुरंत डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। 15 मिनट में ही पीआरवी 460 की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई।
पुलिस बच्ची को सीएचसी लेकर पहुंची
पुलिसकर्मी बच्ची को झाड़ियों से बाहर निकालकर आनन फानन भीतरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। नवजात को किसने जन्म दिया और जंगल में क्यों फेंक दिया। इसके बारे में पुलिस को अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। मामले की जांच की जा रही है।
बच्ची के शरीर में लकड़ी और कांटे चुभने के जख्म
वहीं, भीतरगांव सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनीष तिवारी ने बताया कि बच्ची के शरीर में लकड़ी और कांटे चुभने के जख्म हैं। हालत स्थिर बनी हुई है। बताया इसकी सूचना बाल कल्याण समिति को भेजी जाएगी। पड़री गांव में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
