राजनांदगांव- संस्कारधानी विकासखण्ड के ग्राम डिलापहरी में नारीशक्ति से सम्मानित समाज सेवी छबि बाई साहू की मार्गदर्शन में दिनांक ४ अक्टूबर २०२३ को १० गाँव से पहुंचे आम जन मानस को कर्ज के दलदल से बहार निकालने धार्मिक एकता ट्रस्ट के तत्वाधान में ‘कर्ज मुक्त भारत’अभियान चलाया गया है जिसमें १० लाख से ज्यादा लोगो ने फार्म भरा है। सबकी ये सरकार से विनती है कि जैसे- बड़े- बड़े उद्योगपतियों का, पूर्व सांसदो का कर्जा माफ किया जाता है। जिस तरह उनके कर्ज को अंडर राईट, राईट ऑफ, वेव ऑफ या हेयरकट किया जाता है उसी तरह आम जनता का भी कर्जा माफ किया जाए क्योंकि सरकार की नीतियों की वजह से लॉकडाउन के बाद से सभी की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। व्यापार, काम- धंधे कम हो गए है रोजनगार न मिल पाने के कारण पहले की स्थिति से आज की स्थिति दयनीय हो चुकी है। अब इस स्थिति में बहुत से लोगों को मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जा रहा है जिसके चलते बहुत से लोगों ने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया है, परिवार के परिवार सामूहिक रूप से आत्महत्या कर रहें है जिसके लिए कोई भी बैंक या एनबीएफसी जिम्मेदारी लेने को तैयार नही है। उनके द्वारा भेजे गए कई कर्मचारी के पास आईडी पु्रफ नही होता, डीआरए सर्टिफिकेट नही होता, होम विजिटिंग लेटर नही होता जो कि आरबीआई कि निर्देशों में बार- बार बताया गया है, जिसकी खुले आम धज्जियां उड़ाई जा रही है। इस बजह से आम जनता आज परेशान है। हमारे राजनंादगांव जिले के कई साथियों के साथ इसी तरह की दिक्कत हुई है जिसको लेकर ‘कर्ज मुक्त भारत’ अभियान के तरफ से रजत सिंह भारतीय ने सभी को संबोधित कर अभियान की जानकारी तथा बैंक, एनबीएफसी की जवाबदारी और आरबीआई के निर्देशों के बारे में बताया। इस आयोजन में डिलापहरी, परेवाडीह, बोईरडीह, खैरझिटी, छेछानपहरी, केशला, चारभाठा, मुंदगाँव, राजनांदगाँव आदि से भारी संख्या में पुरूष एवं महिलाएं पहुंचे थे। इस आयोजन में मुख्य रूप से छबि बाई साहू, चिंताराम निषाद, तामेश्वर देवांगन, दादूराम देवांगन, मनीष रंगारी, लक्ष्मी गंधर्व, श्रवण कुमार जांगड़े एवं आस पास के सैंकड़ा लोग शामिल हुए ओर फार्म भरकर दूसरो से भी कर्जा मुक्ति फार्म भराने के लिए जिम्मेदारी ली। यह जानकारी प्रगति जैविक किसान कल्याण संगठन जिला फेडरेशन के पूर्व वालिंटियर व मिडिया प्रभारी मानिक लाल साहू ने दी ।
