छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी गौठन योजना की दुर्दशा देखने को मिली है। जांजगीर चांपा जिले के नगर पंचायत खरौद गांव के देवरी मोड़ आईटीआई के पीछे बने गौठान में भूख प्यास से 29 गायों की मौत हुई है। जिससे गायों को न तो चारा मिला ना ही पानी और रहने के लिए ना ही सेड का निर्माण किया गया है। केवल खानापूर्ति किया गया है। गायों की मौत के जांच के लिए पामगढ़ की नयाब तहसीलदार प्रियंका बंजारा मौके पर पहुंचीं और गड्ढे खोदवाकर गायों को दफनाया गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार नगर पंचायत खरौद में लाखों रुपये की लागत से देवरी मोड़ आईटीआई मोड़ के पास गौठान बनवाया गया है जोकि नाम मात्र का है। गौठान में गायों को लेकर किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ना तो सेड का निर्माण किया गया है ना ही गायों के लिए छत लगाई गई है। केवल गायों को बैठने के लिए सीमेंट से बनी फर्श दिया गया है। केवल खाना पूर्ति के लिए यह गौठान बनाया गया है।
गायों के लिए न चारा है, ना पानी, ना ही बिजली है। इस गौठान में 200 से अधिक गायों को रखा गया है जिन्हे चारा पानी नहीं मिलने से भूख प्यास से तड़प-तड़प कर मर रहे है। दर्जनों गायों का शरीर पूरी तरह से सूख गया है। यह गौठान समिति की लापरवाही है। मृत गायों को खुले में फेंक दिया जा रहा है जिससे हवाओं के साथ तेज बदबू आने से आस पास के लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और गंभीर बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने जब हंगामा किया तब उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पामगढ़ की नायब तहसीलदार प्रियंका बंजारा को मौके पर भेजा गया था। नायब तहसीलदार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई करते हुए मामले में उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी देकर जांच की बात कही है।
