बिजू जनता दल की वरिष्ठ नेता प्रमिला मलिक को ओडिशा विधानसभा की स्पीकर के तौर पर निर्विरोध चुना गया है। वह इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला है। स्पीकर-इन-चार्ज रजनीकांत सिंह ने मानसून सत्र से पहले आयोजित एक विशेष सत्र में प्रमिला मलिक के पहली महिला स्पीकर चुने जाने की घोषणा की।
विपक्षी पार्टी भाजपा और कांग्रेस की तरफ से इस पद के लिए किसी भी उम्मीदवार को चुनाव में नहीं उतारा गया था। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मलिक को अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए सदन में प्रस्ताव पेश किया था, जिसका संसदीय कार्य मंत्री निरंजन पुजारी ने समर्थन किया। सीएम पटनायक, विपक्षी भाजपा प्रमुख व्हिप मोहन मांझी, कांग्रेस विधायक दल के नेता नरसिंह मिश्रा और अन्य वरिष्ठ नेता प्रमिला मलिक के शपथ ग्रहण के समय मौजूद थे।
ओडिशा विधानसभा की स्पीकर बनने के बाद मलिक ने अपने पहले भाषण में सभी सदस्यों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वह सदन की गरिमा बरकरार रकने की पूरी कोशिश करेगी। ओडिशा विधानसभा की पहली महिला स्पीकर बनने पर सीएम पटनायक ने प्रमिला मलिक का धन्यवाद किया। वहीं कांग्रेस विधायक दल के नेता नरसिंह मिश्रा ने भी मलिक को बधाई देते हुए कहा, ‘मैं उन्हें 1990 से जानता हूं जब हम दोनों ओएलए के लिए चुने गए थे। मैं उन्हें मंत्री के तौर पर काम करते हुए देखा था। मैं उम्मीद करता हूं कि वह अध्यक्ष के तौर पर निष्पक्ष काम करेंगी।’
प्रमिला मलिक जयपुर जिले के बिंझरपुर विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रह चुकी है और ओडिशा विधानसभा में स्पीकर पद के लिए नामांकर भरने के लिए उन्होंने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। इस साल के मई में विक्रम केशरी अरुखा के इस्तीफे के बाद से ही ओडिशा विधानसभा में स्पीकर पद खाली था। स्पीकर पद के लिए चुनाव 21 सितंबर को होना था, जो कि बाद में 22 सितंबर के लिए पुर्ननिर्धारित किया गया था।
