दमोह जिले के पटेरा ब्लॉक के एकीकृत स्कूल कुलुवा में मंगलवार को स्कूली छात्रों ने एल्बेंडाजोल की गोली खाई जिसके बाद उनकी तबीयत खराब हो गई है और उन्हें इलाज के लिए कुम्हारी स्वास्थ्य केंद्र इलाज लाया गया। करीब 18 बच्चे गोली खाने के बाद बीमार हुए थे, जिनका इलाज चल रहा है। इन बच्चों को 108 वाहन भी नहीं मिल सका, जिसके बाद उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठाकर अस्पताल लाया गया। बता दें, शासन के निर्देशानुसार शासकीय एवं अर्ध शासकीय स्कूलों में 12 सितंबर से राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस मनाया जाना था, जो 15 सितंबर तक चलना है और बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली भी खिलाई जा रही है।
गोली खाते ही जमीन पर लोटने लगे छात्र
एकीकृत माध्यमिक स्कूल कुलुवा में करीब 25 बच्चों ने गोली खाई जिसके बाद उन्हें पेट में दर्द होने के साथ वह बीमार होने लगे। स्वास्थ्य विभाग की टीम में आशा सहयोगिनी रेखा अहिरवार और प्रीति लोधी आशा कार्यकर्ता द्वारा गोली खिलाई गई थी जिसके बाद बच्चों के सिर एवं पेट में दर्द होने लगा। बच्चे कक्षाओं में लोटने लगे। सूचना मिलने ही बच्चों के परिजन भी स्कूल पहुंच गए। बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक प्रशिक्षण भी दिया गया था और यह दवाई किस तरह से खिलाई जानी है, इसकी जानकारी दी गई थी। गोली खाने के बाद जैसे ही बच्चों की तबीयत बिगड़ी तो आशा कार्यकर्ता घबरा गईं और 108 पर फोन लगाया, लेकिन वाहन उपलब्ध न होने के कारण सरपंच रंजना जैन के ट्रैक्टर ट्रॉली के माध्यम से स्कूली बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुम्हारी लाया गया। जहां पटेरा से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम जिसमें प्रमोद तिवारी, टीकाराम पटेल फार्मासिस्ट, एसके गर्ग फार्मासिस्ट द्वारा तत्काल इंजेक्शन व दवाईयां देकर प्राथमिक उपचार किया गया। यह बच्चे हुए बीमार
जिन बच्चों की तबयीत बिगड़ी है, उनमें कामदेव 18 वर्ष, अनिल 16 वर्ष, अनिल 12 वर्ष, दीपक चौधरी 10 वर्ष, चांदनी 12 वर्ष, शिवानी 12 वर्ष, नीतू 10 वर्ष, प्रिया 12 वर्ष, भोला आदिवासी 13 वर्ष, दिनेश साहू, सपना चौधरी 13 वर्ष, खुशबू 8 वर्ष, संध्या चौधरी 8 वर्ष, प्रगति सेन, शिवम यादव 13 वर्ष बीमार हुए जिनका इलाज शुरू किया गया। सूचना मिलने पर कुम्हारी थाना प्रभारी पूर्णानंद मिश्रा, राजेश लोधी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और बच्चों की जानकारी ली। एकीकृत माध्यमिक स्कूल के प्रधान अध्यापक सचिन जैन ने बताया कि शासन की तरफ से कृमि नाशक गोली खिलाना थी। जिसको लेकर आशा सहयोगिनी और आशा कार्यकर्ता दोनों गोलियां लेकर आई थी और बच्चों को खिलाने के बाद उनकी सेहत बिगड़ने लगी। जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
