मेरठ से सटे जिलों व राज्यों में हत्या कर आसानी से मेरठ में शव को फेंक कर हत्यारे फरार हो जाते हैं, जिस कारण मेरठ पुलिस के सामने शवों की शिनाख्त कराना चुनौती होती है। पबरसा मार्ग पर नाले में मिला सिर व हाथ कटा युवक का शव कोई पहला मामला नहीं है, इससे पूर्व भी जिले में लावारिस शव मिल चुके हैं, जिनकी आज तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। दो मामलों में दूसरे राज्य व दूसरे जिलों से शवों को लाकर फेंका गया था। हत्यारे बेखौफ शवों को बॉर्डर पार कर आसानी से लेकर आते है और मेरठ में ठिकाने लगाने के बाद आसानी से फरार हो जाते है। केस 1
साल 2009 के जुलाई माह में लावड़ कस्बे के नौ गजा पीर पर एक युवती का शव चादर में लिपटा हुआ मिला था। युवती की पहचान छिपाने के लिए सिर काट दिया गया था। आज तक युवती की शिनाख्त नहीं हो सकी है, शिनाख्त न होने पर पुलिस ने बिसरा सुरक्षित रख शव का लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया।
केस 2
साल 2015 में दौराला सर्किल के पठानपुरन गांव में एक युवती का शव पड़ा मिला। युवती के कपड़ों को देखकर अंदाजा लगाया गया कि युवती किसी अच्छे घर की रहने वाली है। लगातार पुलिस शव की शिनाख्त कराने में जुटी, लेकिन यह मामला भी शिनाख्त न होने के चलते फाइलों में दबकर रह गया।
केस 3
13 जून 2019 को लोईया गांव के एक खेत में सिर कटी लाश मिली थी। एक साल बाद युवती की शिनाख्त हिमाचल निवासी एकता के रूप में की गई थी। आरोपी लोईया गांव निवासी विशेष समुदाय का निकला, जिसने युवती को पहले प्रेमजाल में फंसाया और बाद में पोल खुल जाने पर परिजनों संग मिलकर युवती की हत्या कर खेत में दबा दिया था। युवती की शिनाख्त तो भले ही उसकी मां ने हाथ पर लिखे अक्षर से की थी, लेकिन युवती का सिर आज तक पुलिस बरामद नहीं कर सकी है।
केस 4
22 मार्च 2020 को चिंदौड़ी मार्ग स्थित चंद्रमोहन गुप्ता के नलकूप पर एक युवती का शव पानी में पड़ा मिला था। युवती की गला दबाकर हत्या की गई थी। पुलिस ने शिनाख्त को लेकर काफी प्रयास किया। बाद में हापुड़ जिले के एक थाने की पुलिस इंचौली थाने पहुंची थी और युवती की शिनाख्त कराई थी। युवती की हत्या प्रेमप्रसंग में परिजनों ने की थी और शव को लाकर मेरठ जिले में फेंक दिया। पबरसा मार्ग पर मिली सिर व हाथ कटे युवक के शव की पहचान के प्रयास जारी हैं। जिले के थानों के अलावा मेरठ से सटे जिलों में भी फोटो भेजे गए हैं। सर्विलांस व एसओजी की टीम शव की पहचान कराने में जुटी है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।
