कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र के किदवईनगर के ब्लॉक की रहने वाली राशि शुक्ला की ओर से दर्ज कराए गए केस में पुलिस ने उनकी तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली बेटी के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करा दिए। मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में बेटी ने बुआ द्वारा दी जाने वाली यातनाओं के बारे में बताया है। इसमें बाल नोचकर पीटने से लेकर मारकर बैग में भरकर फेंक देने की धमकी देने और मुर्गा बनाकर कंधे पर बैग रखने की बात कही है। मजिस्ट्रेट के बयान दर्ज होने के बाद अब पुलिस बयानों के आधार पर पॉक्सो की धारा बढ़ाने को लेकर मंथन में जुटी है। चौकी इंचार्ज विराटनगर नंदू सिंह ने बताया कि मामले में जांच पूरी कर जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी। बता दें, मूल रूप से अमरोहा की रहने वाली राशि शुक्ला की शादी 2009 में के ब्लॉक किदवई नगर निवासी वैभव शुक्ला से हुई थी। सवा साल पहले उनके पति वैभव की बीमारी के बाद मृत्यु हो गई, जिसके बाद उनकी तीन बेटियों की जिम्मेदारी उन पर आ गई।
वह पास के एक स्कूल में पढ़ाने लगी। राशि का कहना था कि बेटी ने बुआ श्रद्धा शुक्ला की शिकायत की। बताया कि बुआ देर तक पैर दबवाती है और थकने की बात करने पर बाल नोचकर पीटती है। यही नहीं, उसे एक बैग दिखाकर धमकाया कि बात नहीं मानेगी तो उसके भरकर कहीं फेंक देगी।
इन्हीं धमकियों से मासूम अवसाद में चली गई। राशि ने इसकी शिकायत ससुर वेद प्रकाश से की लेकिन सुनवाई न होने पर उन्होंने नौबस्ता पुलिस से शिकायत कर दी। पुलिस ने श्रद्धा के खिलाफ केस दर्ज पहले तो उसे अपने ससुराल जाने के लिए कह दिया। फिर जांच शुरू कर पहले बच्ची के 161 के बयान दर्ज किए और अब उसके सीआरपीसी 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए हैं। हालांकि अभी बच्ची को बाल कल्याण समिति के सामने पेश नहीं किया गया है।
