राजधानी के मंदिरहसौद इलाके में गुरुवार रात 10 बजे राखी बांधकर लौट रही दो सगी बहनों (19 व 15 साल) से मंगेतर के सामने ही 10 बदमाशों ने सामूहिक दुष्कर्म किया है। पिपरहट्टा-गोढ़ी के बीच बदमाशों ने उन्हें सूनी सड़क पर रोक लिया। यहां बदमाश बीच सड़क पर ही शराब पी रहे थे। आरोपियों ने पहले युवक और युवतियों के फोन और पैसे लूटे। इसके बाद मुख्य आरोपी भाजपा नेता के बेटे पूनम सिंह ठाकुर की युवतियों को देखकर नीयत बिगड़ गई। वह जबरदस्ती करने लगा। बड़ी बहन के मंगेतर ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसकी जमकर पिटाई की।
तीनों के गले में चाकू और गुप्ती अड़ाकर जबरदस्ती गाड़ी में बैठकर सूनसान इलाके में झाड़ियों के पीछे ले गए। वहां युवक को बंधक बनाया और उसके सामने ही दोनों बहनों से दुष्कर्म किया गया। दोनों बहनें मदद के लिए चीख-पुकार मचाती रहीं, लेकिन सूनेपन की वजह से उन्हें मदद भी नहीं मिली। आरोपियों ने उनके साथ मारपीट भी की।
दुष्कर्म के बाद सभी बदमाश दो मोबाइल और एक हजार रुपए लूटकर भाग निकले। इसके बाद तीनों किसी तरह वहां से मंदिर हसौद थाना पहुंचे। दोनों बहनों ने जब पूरी वारदात बताई तो पुलिस में हड़कंप मच गया। एसएसपी प्रशांत अग्रवाल समेत आला अधिकारी आधी रात मंदिर हसौद थाना पहुंचे। युवती के मंगेतर ने आरोपियों की दो बाइक का नंबर दिया। गाड़ी नंबर के आधार पर सभी 10 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है।
एक गैंग से बचे, तो उन्हीं के साथियों ने आगे रोका
वारदात का चश्मदीद सड्डू का 20 साल का युवक है। महासमुंद की 19 साल की युवती से उसकी शादी होनी वाली है। उसी के मुताबिक- मैं अपनी होने वाली पत्नी और साली को लेकर गुरुवार को सुबह महासमुंद गया। वहां भानसोज के पास मंगेतर की नानी के घर आए, जहां दोनों बहनों ने भाई को राखी बांधी। रात में भोजन कर रात 9 बजे सड्डू जाने के लिए निकले। पिपरहट्टा के पास सड़क किनारे खड़े युवकों ने छेड़खानी की। हम लोग डर गए थे।
मैंने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी लेकिन, आरोपी आगे अपने साथियों को फोन कर चुके थे। दूसरा गिरोह सड़क पर बैठकर शराब पार्टी कर रहा था। उन्हें भी किसी तरह छकाकर मैं आगे बढ़ा। तभी पीछे से तीन युवक हाईस्पीड बाइक से आ गए। ओवरटेक कर हमें रोक लिया और मारपीट शुरु कर दी। तब तक दूसरे साथी भी पहुंच गए। उन्होंने मेरी मंगेतर का फोन लूट लिया। मेरे पास हजार रुपए थे, जिसे छीन लिया। तभी मुख्य आरोपी बोला कि वह मेरी मंगेतर के साथ जबरदस्ती करना चाहता हैं।
मैंने विरोध किया और उसका हाथ पकड़ा तो आरोपियों ने मिलकर मेरी जमकर पिटाई की। मुझे सड़क पर गिरा दिया। तब मैंने अपना 40 हजार का नया फोन निकाला और आरोपियों को दिया। उनसे मिन्नतें की कि चाहे तो हमारी मोपेड रख लो, लेकिन हमें जाने दो। दोनों बहनों के साथ कुछ मत करो। आरोपियों के कुछ साथियों ने हमें जाने के लिए कहां, लेकिन बाकी लोगों ने रोक लिया।
आरोपियों ने चाकू और गुप्ती निकाल गले में अड़ा दिया। आरोपियों ने जबरदस्ती हमें अलग-अलग बाइक पर बैठा लिया। मेन रोड से अंदर 800 मीटर दूर ले गए। वहां चार लड़कों ने मुझे पकड़कर रखा था। 6 आरोपी दोनों बहनों को थोड़ा आगे ले गए। जहां उन्होंने मिलकर दोनों से जबरदस्ती की। दोनों बहनें मदद के लिए गुहार लगाती रही। उनसे मिन्नतें करते रहीं। चीखते रहीं। कोई मदद के लिए नहीं आया। किसी को रहम भी नहीं आया। मैं भी कुछ नहीं कर सका।
मैंने आरोपियों के बाइक को लात मारकर गिरा भी दिया। मेरी मंगेतर के मोबाइल का सिम निकालकर दे दिया। मुझे भी सिम निकालकर दे रहे थे, तो मैंने मना कर दिया ताकि फोन ट्रैक हो सकें। मैंने दो बाइक का नंबर रट लिया था।
आरोपियों ने डेढ़ घंटे तक हमें बंधक बनाकर रखा। हम लोग बहुत डरे हुए थे। वहां से मोपेड लेकर मंदिर हसौद के लिए निकले। रास्ते में डायल-112 की गाड़ी दिखी लेकिन रूकी नहीं। थोड़ा आगे बढ़े तो पुलिस की एक और गाड़ी दिखी। सामने मोपेड लाकर उसे रोका और पुलिस वालों को पूरी घटना बताई। वे ही थाने लेकर आए।
भागने से पहले पकड़े गए
आरोपी पूनम ठाकुर साथी लव तिवारी और केवल वर्मा के साथ स्टेशन आ गया। तीनों ट्रेन से बिलासपुर भागने वाले थे, तभी पुलिस ने दबोचा। फिर बाकी पकड़े गए। इनमें 5 आरोपी पिपरहट्टा तथा बाकी युवक बोरा, उमरिया और टेकारी के हैं। अधिकांश का आपराधिक रिकॉर्ड भी है।
