बीमा की अंतिम तिथि 15 जुलाई निर्धारित
गरियाबंद जिले में धान, चना, गेंहू, मक्का,मूंग फसल के लिए लागू
गरियाबंद -कृषि विभाग के उपसंचालक ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले में खरीफ वर्ष 2020 में धान सिंचित एवं धान असिंचित फसलों को अधिसूचित किया गया है। जिसका बीमा 15 जुलाई 2020 तक कराया जाएगा। इसी प्रकार रबी वर्ष 2020 में चना और गेंहू सिंचित फसल को अधिसूचित किया गया है। जिसका बीमा 15 दिसंबर 2020 तक कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ऋणी किसानों के लिए भी फसल बीमा ऐच्छिक किया गया है। ऋणी किसान जो फसल बीमा में शामिल नही होना चाहते, उन्हंे भारत सरकार द्वारा जारी घोषणा-पत्र खरीफ फसल के लिए 08 जुलाई 2020 तक संबंधित संस्थान में अनिवार्य रूप से जमा करना था। घोषणा-पत्र निर्धारित तिथि तक जमा नहीं करने पर कृषक द्वारा ली गई ऋण राशि को अनिवार्य रूप से बीमाकृत कर दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से फसल बीमा योजना का लाभ नजदीकी बैंक एवं सहकारी समितियों से सम्पर्क कर उठाने की अपील की है।
कृषि विभाग द्वारा बीमा आवरण की जानकारी देते हुए बताया कि बीमाकृत क्षेत्र में कम वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसमी दशाओं में बुवाई, रोपण नहीं होने पर या हानि होने से यह बीमा सुरक्षा प्रदान करेगा। यह फसल बीमा आच्छादन अधिसूचित फसलों के कटाई के बाद अधिकतम दो सप्ताह (14 दिन) के लिए चक्रवात, चक्रवातीय वर्षा और बेमौसम वर्षा के मामले में लिया जाएगा। जिन्हंे फसल कटाई के बाद खेत में सुखने के लिये छोड़ा गया हो।जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों धान सिंचित में प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 50 हजार रूपए एवं धान असिंचित में 35 हजार रूपए निर्धारित किया गया है। बीमित राशि का 2 प्रतिशत की दर से प्रीमियम धान सिंचित में एक हजार एवं धान असिंचित में 700 रूपए कृषकों को जमा करना होगा। इसी तरह चना के लिए 450 रूपये, गेंहू के लिए 375 रूपये, मक्का के लिए 500 रूपये,मंूग के लिए 300 रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से किसानांे को प्रीमियम देना होगा। इस वर्ष प्रधानमंत्री फसल बीमा हेतु इकाई ग्राम को निर्धारित किया गया है तथा आगामी खरीफ एवं रबी मौसम के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के द्वारा किया जाएगा। फसलों का बीमा कराने के लिए किसान निकटतम बैंक या सहकारी समिति, लोक सेवा केन्द्र, कृषि विकास विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
