आगरा के थाना जगदीशपुरा में 12वीं की छात्रा की मौत के बाद पुलिस पर आरोप लगना शुरू हो गए हैं। कहा जा रहा है कि पुलिस की लापरवाही ने युवती की जान ले ली। छेड़छाड़ के मुकदमे में साढ़े चार महीने में भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर पीड़िता के बयान तक नहीं दर्ज किए। इससे आहत होकर उसने घर में फंदा लगा लिया। मौत के बाद हरकत में आई पुलिस ने एक आरोपी को खुदकुशी के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। विवेचक के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश किए गए हैं।
मामले के अनुसार, 18 वर्षीय युवती इंटरमीडिएट पास थी। बीएससी में प्रवेश के लिए आवेदन किया था। पिता ने बताया कि घर के बाहर रास्ते में पार्किंग को लेकर पड़ोसी प्रमेंद्र, उसकी पत्नी डिंपल और पिता अमर सिंह से विवाद चल रहा है।
एक जनवरी को बेटी अपनी चचेरी बहन के साथ सब्जी लेने बाजार जा रही थी। रास्ते में बाइक पर दो युवक मिले। आरोप है कि उन्होंने अपनी बाइक आगे लगाकर दोनों को रोक लिया। गालीगलौज करने के बाद खींचतान की। पड़ोसी के खिलाफ शिकायत करने पर जान से मारने और अपहरण की धमकी देकर चले गए।
इस घटना की थाने पर शिकायत की, मगर सुनवाई नहीं हुई। मामले में पुलिस आयुक्त और महिला आयोग से शिकायत के बाद 17 फरवरी को छेड़छाड़ और बंधक बनाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। साढ़े चार महीने में भी कार्रवाई न होने से बेटी परेशान थी। मंगलवार को घर की पहली मंजिल पर कमरे में चली गई। उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इसका पता चलने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा खोलकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मौत के बाद दर्ज हुआ एक और मुकदमा
पुलिस ने युवती की मौत के बाद कार्रवाई में तेजी दिखाई। अमर सिंह, प्रमेंद्र कुमार और डिंपल के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद आरोपी प्रमेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
