राजनांदगांव. चक्रधर कत्थक कल्याण केन्द्र द्वारा आयोजित एवं छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग छ.ग. शासन एवं राजगामी संपदा ट्रस्ट राजनांदगांव के सहयोग से रानी सूर्यमुखी देवी स्मृति संस्कार 2023 ग्रीष्मकालीन नि:शुल्क कला शिविर ग्रामीण मजदूर किसान एवं अन्य वर्गो के ग्रामीण युवा एवं बच्चों को नि:शुल्क कला शिविर के माध्यम से योगा, व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार एवं शास्त्रीय कत्थक नृत्य, पारंपरिक लोक नृत्य, चित्रकला, क्राफ्ट आदि विषयों में लगभग 250 (दो सौ पचास) युवा एवं बच्चों ने कला की बारिकियों को सीखा। ज्ञात हो कि चक्रधर कत्थक कल्याण केन्द्र के संस्थापक एवं नि:शुल्क कला शिविर के संयोजक डॉ. कृष्ण कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में विगत तीस वर्षो से नियमित रूप से जारी है। नि:शुल्क कला शिविर का मुख्य उद्देश्य है युवाओं और बच्चों में मौलिक अभिव्यक्ति, रचनाधर्मिता और सृजनशीलता व कलात्मक रूचि पैदा करना और अपनी पुरातन कला एवं संस्कृति के प्रति रूझान पैदा हो और अपनी प्राच्यकला कि सुन्दरता एवं विशेषताओं से परिचित हो सके। संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा विभाग छत्तीसगढ़ शासन एवं राजगामी संपदा ट्रस्ट राजनांदगांव के सहयोग से आयोजित रानी सूर्यमुखी देवी स्मृति संस्कार नि:शुल्क कला शिविर का समापन समारोह विश्व संगीत दिवस एवं विश्व योग दिवस के अवसर पर आयोजित समापन समारोह के अतिथिगण प्रो. योगेन्द्र त्रिपाठी, अध्यक्ष निदेशक कला अकादमी छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद संस्कृति विभाग छ.ग.शासन, माननीय विवेक वासनिक जी अध्यक्ष राजगामी सम्पदा ट्रस्ट राजनांदगांव एवं डॉ. रेणुका गहिने जी (डीन) भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी स्मृति शास.चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव थे। इस अवसर पर रानी सूर्यमुखी देवी स्मृति विशिष्ट सम्मान चिकित्सा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए डॉ. रेणुका गहिने जी को सम्मानित किया गया। अपनी तुलिका के माध्यम से इन्द्रधनुषीय रंग भरने वाले अंतर्राष्ट्रीय चित्रकार प्रो.योगेन्द्र त्रिपाठी जी को रानी सूर्यमुखी देवी स्मृति कला रत्न सम्मान से अलंकृत किया गया। छत्तीसगढ़ी संगीत को अखिल भारतीय स्तर में पहचान दिलाने के लिए संगीत निदेशक एवं हारमोनियम वादक श्री विवेक वासनिक जी को रानी सूर्यमुखी देवी स्मृति कला रत्न सम्मान से विभूषित किया गया। छत्तीसगढ़ी नाचा एवं कला मंचों में तबला वादन के माध्यम से कला बिखेरने वाले तबला वादक श्री गणेश निषाद जी को छत्तीसगढ़ी संगीत को विश्व पटल पर स्थापित करने वाले स्व. खुमानलाल साव स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। नि:शुल्क कला शिविर के प्रमुख प्रशिक्षकों में सर्वश्री अनुराग ठावरे, श्री तुषार सिन्हा, श्री डोरेश्वर शुक्ला, सुश्री ममता बघेल, श्रीमती गीतांजली सिन्हा, श्री देवेन्द्र साहू, श्री गौरव सिंह राजपूत थे। इस अवसर पर बच्चों द्वारा चित्र कला प्रदर्शनी लगाया गया। संस्कृतिक कार्यक्रमों शास्त्रीय कत्थक नृत्य एवं पारंपरिक लोक नृत्यों की शानदान प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनमोह लिया। इस अवसर पर श्री रूपेश दुबे, डॉ. बी.स्वामी, डॉ. रूद्रप्रताप सिंह एवं गणमान्य पालक गण एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे। उपरोक्त जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से संस्था के तुषार सिन्हा ने दिया।
