उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में अनुसूचित जाति का युवक का प्रधान बनना पूर्व प्रधान के समर्थकों को रास नहीं आ रहा है। वह आए दिन उसके व परिवार वालों के साथ गाली गलौज और मारपीट करते हैं। दबंगों के आतंक से परेशान महिला प्रधान व परिवार न्याय के लिए धरने पर बैठा है। उसने घर पर एक बोर्ड लगाया, इसमें लिखा-‘घर बिकाऊ है’।
पूर्व प्रधान के समर्थक करते हैं प्रताड़ित
मामला शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के डाहिनी ग्राम पंचायत का है। यहां जनता ने सुमन कुमार जाटव के व्यवहार को देखते हुए उन्हें ग्राम प्रधान के चुनाव में जीत दिलाकर प्रधान चुना। सुमन अनुसूचित जाति से आते हैं। अनुसूचित जाति का युवक का प्रधान बनना पूर्व प्रधान के समर्थकों (जो ज्यादातर यादव समाज से आते हैं) को रास नहीं आया।
घर के बाहर धरने पर बैठ गए
इसको लेकर वह आए दिन किसी न किसी बात को लेकर प्रधान व उसके परिवार के साथ झगड़ा करते रहते हैं। उन्हें डराते, धमकाते रहते हैं। समाज में बेइज्जत करते रहते हैं। इनके आतंक से परेशान से होकर ग्राम प्रधान सुमन, उसके पिता गोवर्धन, ताराचंद, सावित्री, पूजा, सरस्वती, संजू, गुलाबी और सूरज सोमवार को घर के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने घर पर ‘मकान बिकाऊ है’ का बोर्ड भी लगा दिया।
गांव छोड़ने को मजबूर प्रधान व परिवार
ग्राम प्रधान सुमन ने बताया कि गांव के दबंग लोग आए दिन मारपीट करते हैं। धमकाते हैं। थाने में कई बार शिकायत की लेकिन पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय हमें ही प्रताड़ित करती है। शिकायत करने पर पुलिस पूरा-पूरा दिन थाने में बैठाए रखती है। पुलिस व गांव के दबंगों के आतंक से प्रताड़ित होकर हम व हमारा परिवार गांव की अपनी संपत्ति बेचकर गांव छोड़ने को मजबूर है।
